दिवाली के दिन लक्ष्मी पूजा का विशेष है विधान।
दिवाली के दिन लक्ष्मी पूजा का विशेष विधान है। दिवाली पर साफ-सफाई करके विधि विधान से पूजन करने से माता लक्ष्मी की विशेष कृपा बरसती है। दिवाली का त्योहार 12 नवंबर को मनाया जाएगा। यह त्योहार अंधकार पर प्रकाश की विजय के रूप में मनाया जाता है। इस दिन भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की विधिवत पूजा की जाती है। दिवाली के दिन माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए कई तरह के उपाय किए जाते हैं। मान्यताओं के अनुसार दिवाली के दिन मां लक्ष्मी लोगों के घरों में विचरण करती हैं और जिनका घर माँ को पसंद आता है वो वहाँ निवास करती है।
यदि आप दिवाली से 3 दिन पहले ये उपाय करना शुरू कर दें। इसके लिए थोड़े से कच्चे दूध में शहद मिलाकर इसके दो हिस्से कर लें। एक हिस्सा घर के सदस्यों के नहाने के पानी में मिला दें, जबकि इसके दूसरे हिस्से से घर के हर क्षेत्र को शुद्ध कर लें। मान्यताओं के अनुसार, यह उपाय करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और दिवाली के दिन धन-समृद्धि आती है।
दिवाली से पहले अपने घर के सारे दरवाजे और फर्नीचर भी ठीक करा लें। दरवाजे से किसी तरह का शोर नहीं आना चाहिए। खराब दरवाओं और फर्नीचर से घर में दरिद्रता आती है। जबकि पूरी तरह से ठीक फर्नीचर से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
लक्ष्मी माता को श्री का स्वरुप माना जाता है। वह धन, समृद्धि, सौभाग्य और सम्पत्ति की देवी हैं। शास्त्रों में उनके पद्म चिन्ह का खास महत्व होता है। माना जाता है कि माता के पद्म चिन्ह की आराधना करने से विशेष रूप से धन और संपत्ति की प्राप्ति होती है। दिवाली से पहले माँ लक्ष्मी जी के पैर के चिन्ह को घर के मुख्य दरवाजे पर अंकित करें। ध्यान रखें कि पैरों के ये निशान घर के अंदर की तरफ हों। इससे माता लक्ष्मी का आशीर्वाद मिलता है।
कहा जाता है कि दिवाली के दिन मां लक्ष्मी भक्तों के घरों पधारती हैं। इसलिए घर के मुख्य दरवाजे पर माता के आगमन के लिए विधि-विधान से तोरण लगाना चाहिए। आम और केले के पत्तों से तोरण बनाना शुभ होता है।
















































































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