राज्यसभा में आठ सीटों पर द्विवार्षिक चुनाव की गई घोषणा, असम की दो और तमिलनाडु की आठ साटों के लिए होना है चुनाव।
राज्यसभा की आठ सीटों के लिए होने वाले इन द्विवार्षिक चुनावों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है, क्योंकि ये सीटें विभिन्न दलों के लिए रणनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। तमिलनाडु में जिन छह सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, वे विभिन्न राजनीतिक दलों से आते हैं, जिससे इस बार के चुनाव में दलों के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर काफी जोड़-तोड़ की संभावना है। असम में भाजपा की दो सीटों पर फिर से जीत की चुनौती है, जबकि तमिलनाडु में द्रविड़ पार्टियों की पकड़ को लेकर दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल सकता है। निर्वाचन आयोग ने साफ किया है कि नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 10 जून होगी, और 12 जून को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। नाम वापसी की अंतिम तिथि 14 जून तय की गई है। अगर जरूरत पड़ी तो 19 जून को सुबह 9 बजे से मतदान होगा और उसी दिन शाम 5 बजे मतगणना भी कर ली जाएगी। यह चुनाव राज्य की विधानसभाओं के चुने हुए सदस्यों द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से किया जाएगा, इसलिए राजनीतिक समीकरण और गठबंधन इन चुनावों में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
बता दें कि देश के चार राज्यों की पांच विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की घोषणा कर दी गई है। चुनाव आयोग ने इसके लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। ये उपचुनाव गुजरात, केरल, पंजाब और पश्चिम बंगाल की पांच विधानसभा सीटों पर होंगे। इन सभी सीटों के लिए 19 जून को वोटिंग कराई जाएगी, और 23 जून को मतगणना (वोटों की गिनती) की जाएगी। चुनाव आयोग ने साफ किया है कि इस प्रक्रिया को तय नियमों के मुताबिक और समय पर पूरा किया जाएगा। इन उपचुनावों से इन राज्यों की राजनीति में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं, क्योंकि हर सीट पर अलग-अलग दलों की पकड़ है।
















































































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