एक गाड़ी, सात लाशें और अनसुनी पुकारें: पंचकूला आत्महत्या कांड की अंदरूनी कहानी।
हरियाणा के पंचकूला शहर में एक दिल दहला देने वाली आत्महत्या की घटना सामने आई है। एक ही परिवार के सात लोगों ने जहर खाकर सामूहिक आत्महत्या की। यह घटना सोमवार को तब सबके सामने आई। जब लोगों ने एक ही परिवार से सात लोगों का शव देखा। लोगो के घर के आगे खड़ी थी। गाड़ी के अंदर पुरुष, स्त्री, दो बच्चे , एक छोटा बच्चा और एक वृद्ध दंपति का शव पाया गया । बताया जा रहा है कि यह सातो शव एक ही परिवार के थे और पूरा परिवार मित्तल के नाम से जाना जाता था। कहा जा रहा है कि वह देहरादून के निवासी थे और पंचकूला में रहने लगे थे। शुरुआती जांच के दौरान पता लगा है कि आर्थिक तंगी की वजह से उन्होंने आत्महत्या की क्योंकि कर्ज का बोझ बहुत बढ़ गया था और आए दिन लोग उनके घर के दरवाजे पर खड़े रहते थे। आस पड़ोस और रिश्तेदार भी उनको ताना मारने लगे थे, और यही शायद बहुत बड़ी वजह है।हम आपको यह बताना चाहेंगे कि यह घटना बहुत ही ध्यान देने योग्य है क्योंकि लोग अपने स्टेटस को मेंटेन करने के लिए पहले कर्ज लेते हैं और फिर कर्ज नहीं चुका पाने के वजह से वह आर्थिक तंगी से गुजरते हैं और जब पानी सर के ऊपर से चला जाता है तो कुछ लोग उसको झेल जाते हैं और दोबारा से उठने की कोशिश करते हैं, नहीं तो अधिकतर लोग ऐसी स्थिति में आत्महत्या कर लेते हैं। हमारे देश में ऐसी ही परिस्थितियों में आत्महत्या करने की घटनाएं लगातार दिन प्रति दिन बढ़ती जा रही हैं। यह एक मानसिक रोग है। जिसको हम कोई इलाज का रूप नहीं दे पा रहे हैं। यह अधिक सोचने का विषय है जो हंसते खेलते चेहरे जनता के सामने लोगों के सामने अपने रिश्तेदारों के सामने यह पूछने पर कि और भाई साहब, बहन जी कैसे हो, तो सब का जवाब आता है बहुत बढ़िया' लेकिन अंदर से यह कोई भी नहीं जान पाता कि यह बहुत बढ़िया का जवाब कहीं ना कहीं उन्हें आर्थिक तंगी और कर्जे में डुबो रहा है, और आत्महत्या की तरफ लेकर जा रहा है हमें इस पर विचार करना चाहिए। इसका समाधान मानसिक तौर पर निकलना अति आवश्यक है।
















































































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