भारत में कोविड-19 के मामलों में फिर से तेजी, संक्रमितों की संख्या 2710 पार – WHO की पूर्व वैज्ञानिक ने उपचार और सावधानी पर दिया जोर।
भारत में कोविड-19 के मामलों में तेजी देखी जा रही है और अब तक संक्रमितों की संख्या 2710 हो चुकी है। WHO की पूर्व मुख्य वैज्ञानिक डॉ. सौम्या स्वामीनाथन का कहना है कि इससे घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि कोरोनावायरस भविष्य में भी हमारे साथ रहेगा और समय-समय पर इसके मामलों में वृद्धि होती रहेगी। उन्होंने बताया कि अब संक्रमण के लक्षण आमतौर पर हल्के होते हैं क्योंकि लोगों में प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत है और टीकाकरण से भी सुरक्षा मिल रही है। डॉ. स्वामीनाथन ने यह भी स्पष्ट किया कि कोविड-19 जैसे वायरल संक्रमणों में एंटीबायोटिक दवाएं कारगर नहीं होतीं। इनके लिए सिर्फ लक्षणों का उपचार पर्याप्त होता है, जैसे गर्म तरल पदार्थ लेना और गरारे करना। एंटीबायोटिक्स की जरूरत केवल तभी होती है जब कोई द्वितीयक (सेकेंडरी) बैक्टीरियल संक्रमण हो।
भारत में कोविड-19 के मामलों में एक बार फिर वृद्धि देखी जा रही है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा 30 मई 2025 की सुबह 8:00 बजे तक जारी किए गए नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, देश में कुल सक्रिय संक्रमणों की संख्या 2,710 तक पहुंच गई है। यह स्थिति बताती है कि भले ही संक्रमण की तीव्रता पहले जैसी न हो, लेकिन वायरस का प्रभाव पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। राज्यवार आंकड़ों की बात करें तो केरल में सबसे अधिक 1,147 सक्रिय कोविड-19 मामले दर्ज किए गए हैं। इसके बाद महाराष्ट्र में 424, दिल्ली में 294 और गुजरात में 223 सक्रिय मामले हैं। केरल में लगातार मामलों की बढ़ती संख्या से यह स्पष्ट होता है कि राज्य में निगरानी और रोकथाम के लिए अतिरिक्त प्रयासों की आवश्यकता हो सकती है। महाराष्ट्र के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, राज्य में पिछले 24 घंटों में 84 नए कोविड-19 मामले सामने आए हैं। इससे 2025 में अब तक दर्ज कुल मामलों की संख्या 681 हो गई है। फिलहाल राज्य में कुल 467 सक्रिय मरीज उपचाराधीन हैं। हालांकि मामले तुलनात्मक रूप से कम हैं, फिर भी स्वास्थ्य सेवाओं को सतर्क रहना आवश्यक है ताकि संक्रमण को नियंत्रण में रखा जा सके।
















































































Leave Your Message