देशभर में ईद-उल-अज़हा की धूम,मस्जिदों में उमड़े हजारों श्रद्धालु, मांगी गई अमन और भाईचारे की दुआ।
देशभर में आज ईद-उल-अज़हा यानी बकरीद का त्योहार पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। सुबह से ही मुस्लिम समुदाय के लोग पारंपरिक पोशाकों में सजे-धजे मस्जिदों और ईदगाहों की ओर नमाज अदा करने के लिए उमड़ पड़े। दिल्ली की ऐतिहासिक जामा मस्जिद समेत देश के प्रमुख शहरों की मस्जिदों में विशेष ईद की नमाज अदा की गई, जहां हजारों लोगों ने एक साथ सजदे में झुककर अल्लाह से अमन, भाईचारा और बरकत की दुआ मांगी। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर 'ईद मुबारक' कहा और मिठाइयों का आदान-प्रदान किया। त्योहार के अवसर पर बकरीद की एक महत्वपूर्ण परंपरा ‘कुर्बानी’ भी निभाई जा रही है, जो इस्लामिक आस्था का प्रतीक है। इसके तहत लोग अपनी हैसियत के अनुसार बकरों या अन्य जानवरों की कुर्बानी देते हैं और उसका मांस जरूरतमंदों, गरीबों और अपने करीबियों के बीच बांटते हैं। हालांकि, इस वर्ष कई राज्यों में प्रशासन ने कुर्बानी के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सरकार द्वारा तय की गई विशेष जगहों पर ही कुर्बानी करने और प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी न करने की अपील की गई है ताकि सामाजिक सौहार्द बना रहे।
वहीं, सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र, बिहार, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों में मस्जिदों, ईदगाहों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। ड्रोन से निगरानी, CCTV कैमरों की मदद और दंगा नियंत्रण बल की तैनाती भी सुनिश्चित की गई है। अफवाहों और सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे किसी भी भ्रामक जानकारी को रोकने के लिए साइबर सेल को भी सतर्क किया गया है।बकरीद न केवल बलिदान का प्रतीक है, बल्कि यह एक ऐसा त्योहार भी है जो इंसानियत, एकता, करुणा और भाईचारे की भावना को मजबूत करता है। देशभर में आज के दिन एक विशेष सामाजिक समरसता और मिलन का माहौल देखने को मिल रहा है, जो भारत की सांस्कृतिक विविधता और धार्मिक सहिष्णुता की सबसे खूबसूरत मिसाल है।
















































































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