हज यात्रियों से भरे विमान की लैंडिंग के दौरान निकली चिंगारी, एयरपोर्ट स्टाफ की मुस्तैदी से 250 यात्रियों की बची जान।
15 जून 2025, रविवार की सुबह लखनऊ एयरपोर्ट पर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। सऊदी अरब के जेद्दा से आई फ्लाइट SV 3112, जिसमें करीब 250 हज यात्री सवार थे, सुबह 6:30 बजे लखनऊ पहुंची। लैंडिंग के समय विमान के एक पहिए से अचानक चिंगारी और धुंआ निकलता देखा गया। एयरपोर्ट पर मौजूद ग्राउंड स्टाफ ने तुरंत सतर्कता दिखाई और इमरजेंसी अलर्ट जारी कर दिया। विमान को रनवे से हटाकर टैक्सीवे पर ले जाया गया, जहां यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस दौरान कुछ यात्री घबरा गए और हल्का अफरातफरी का माहौल बन गया, लेकिन एयरपोर्ट कर्मियों की तत्परता से कोई बड़ी अनहोनी नहीं हुई। यात्रियों को एयरपोर्ट टर्मिनल तक सुरक्षित पहुंचाया गया और उन्हें प्राथमिक सहायता भी दी गई। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने जांच के आदेश दिए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि पहिए में चिंगारी क्यों निकली। फिलहाल सभी यात्री सुरक्षित हैं और उन्हें आगे की यात्रा के लिए सहायता दी जा रही है। यह घटना एक बड़ी त्रासदी बन सकती थी, लेकिन स्टाफ की मुस्तैदी और सही समय पर लिए गए फैसलों के कारण सभी की जान बच गई।
गुरुवार, 12 जून 2025 को एक बड़ा विमान हादसा हुआ, जब एयर इंडिया की लंदन के गैटविक एयरपोर्ट जा रही फ्लाइट टेकऑफ के कुछ ही मिनट बाद अहमदाबाद के एक मेडिकल कॉलेज परिसर में जा गिरी। इस भयावह हादसे में विमान में सवार 242 यात्रियों में से 241 की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि केवल एक व्यक्ति जीवित बचा, जिसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। विमान के क्रैश होने से जमीन पर मौजूद कई लोग भी इसकी चपेट में आ गए, जिससे मरने वालों की कुल संख्या 270 से अधिक हो गई है। यह हादसा न केवल विमान में सवार लोगों के लिए, बल्कि आसपास मौजूद लोगों के लिए भी विनाशकारी साबित हुआ। सरकारी एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है, और शुरुआती रिपोर्टों में तकनीकी खराबी को हादसे की संभावित वजह माना जा रहा है। यह त्रासदी भारत के विमानन इतिहास की सबसे भीषण और दर्दनाक घटनाओं में से एक मानी जा रही है। देशभर में शोक की लहर है और मृतकों को श्रद्धांजलि दी जा रही है। हादसे में जान गंवाने वाले यात्रियों की व्यक्तिगत कहानियाँ भी सामने आ रही हैं, जो इस दुख को और गहरा बना रही हैं।
















































































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