केजरीवाल जी कुछ भी कर लें आप, जेल की हवा तो खानी पड़ेगी।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को ईडी लगातार शराब घोटाले से संबंधित मामले की पूछताछ के लिए बुला रही है, परंतु केजरीवाल ने तीसरी बार भी ईडी को मना कर दिया और कहा कि जब मैंने कुछ किया ही नहीं है, तो मैं किसी भी तरह की पूछताछ के लिए नहीं जाऊंगा। केजरीवाल को पहले भी 2 नवंबर और 21 दिसंबर को ईडी द्वारा समन जारी किया गया था, मगर उन्होंने तब भी पेश होने से इनकार कर दिया था। आम आदमी पार्टी की तरफ से नोटिस को लेकर कहा गया है कि, चुनाव प्रचार से रोकने के लिए केजरीवाल को गिरफ्तार करने की साजिश चल रही है। आप का कहना है कि केजरीवाल जांच में सहयोग करने को तैयार हैं।
आम आदमी पार्टी ने बताया है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल प्रवर्तन निदेशालय के समन पर नहीं जाने वाले हैं। पार्टी ने ईडी के समन पर सवाल भी उठाए हैं। आप का कहना है कि केजरीवाल ईडी की जांच में सहयोग करने को तैयार हैं, लेकिन नोटिस पूरी तरह से गैर-कानूनी है। पार्टी ने सवाल किया है कि चुनाव से ठीक पहले ही नोटिस क्यों भेजा गया। इनकी नीयत केजरीवाल को गिरफ्तार करने की है।
वहीं, इससे पहले मंगलवार को आप प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने साफ कर दिया था कि ईडी के नोटिस पर कानून के मुताबिक कदम उठाया जाएगा। उनसे सवाल किया गया था कि क्या केजरीवाल ईडी के सामने पेश होंगे। इस पर प्रियंका ने कहा, 'इस सवाल का जवाब हमारी कानूनी टीम बेहतर ढंग से देगी। हम कानून के मुताबिक काम करेंगे।'
अरविंद केजरीवाल ने नोटिस के जवाब में ईडी पर रूलिंग पार्टी की ओर से काम करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। केजरीवाल ने यह भी दावा किया था कि ईडी के समन राजनीतिक से प्रेरित थे। दूसरे समन पर ईडी के पेश होने के बजाय केजरीवाल कथित तौर पर एक अज्ञात लोकेशन पर 10 दिनों 'विपासना' ध्यान पर चले गए और 30 दिसंबर को वापस लौटे। ईडी के सामने पेश नहीं होने को लेकर बीजेपी ने अरविंद केजरीवाल पर तंज कसा है। बीजेपी ने ट्वीट कर कहा, 'अरविंद केजरीवाल को किस बात का डर है? क्या उन्होंने शराब नीति मामले में जेल में बंद मनीष सिसोदिया और संजय सिंह को अकेले छोड़ दिया है।
















































































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