बोटाद विधायक उमेश मकवाणा ने आम आदमी पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दिया, राजनीतिक मतभेदों और नाराजगी के बीच पार्टी में फूट की आशंका।
बोटाद के विधायक उमेश मकवाणा ने आम आदमी पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपने इस्तीफे में बताया कि उनकी सामाजिक सेवाएं कम हो रही हैं, इसलिए वे पार्टी के पदों से हटना चाहते हैं, लेकिन पार्टी के लिए कार्यकर्ता के तौर पर अपना काम जारी रखेंगे। हालांकि विधायक पद से इस्तीफा देने का अंतिम फैसला वे बोटाद की जनता से सलाह-मशविरा करके ही करेंगे। पार्टी सूत्रों की मानें तो मकवाणा फिलहाल पार्टी से नाराज चल रहे हैं और वे अपने साथी आम आदमी पार्टी के विधायकों के फोन कॉल का जवाब नहीं दे रहे हैं, जिससे उनके इरादों को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। यह पहली बार नहीं है जब उनके इस्तीफे की चर्चा सामने आई है, इससे पहले भी ऐसी खबरें आई थीं, लेकिन मकवाणा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उन्हें सिरे से खारिज किया था। इसके बावजूद, हाल ही में पार्टी के कई कार्यक्रमों में उनकी गैरमौजूदगी ने मतभेद की संभावना को और मजबूत किया है। पार्टी के अंदर यह कदम संभावित फूट या आंतरिक असंतोष का संकेत माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषक इसे आगामी चुनावों को लेकर मकवाणा की रणनीति या पार्टी नेतृत्व से नाराजगी भी बता रहे हैं। ऐसे में पार्टी नेतृत्व को भी स्थिति को संभालने के लिए कदम उठाने पड़ सकते हैं ताकि संगठन में स्थिरता बनी रहे।
उमेश मकवाणा 2022 के गुजरात विधानसभा चुनाव में बोटाद सीट से विधायक चुने गए थे। उन्होंने भाजपा के घनश्याम विरानी और कांग्रेस के मनहर पटेल को हराया था। इसके बाद पार्टी ने उन्हें भावनगर लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया था, लेकिन वह चुनाव हार गए। उसके बाद से उनका पार्टी के नेताओं के साथ रिश्ता ठीक नहीं रहा है। गुजरात में आम आदमी पार्टी के कुल पांच विधायक हैं।
















































































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