प्रधानमंत्री मोदी की पांच देशों की रणनीतिक विदेश यात्रा: घाना से नामीबिया तक भारत की नई वैश्विक पहल।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 जुलाई 2025 को पांच देशों की यात्रा पर रवाना हुए, जिसकी शुरुआत घाना से हुई। यह यात्रा कई दृष्टिकोणों से महत्वपूर्ण है, क्योंकि तीन दशकों में यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली घाना यात्रा है। घाना प्रवास के दौरान पीएम मोदी घाना के राष्ट्रपति से मुलाकात कर आर्थिक, ऊर्जा और रक्षा क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा करेंगे। इसके बाद वह त्रिनिदाद और टोबैगो, अर्जेंटीना, ब्राजील और नामीबिया का भी दौरा करेंगे। ब्राजील में वह ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने कहा कि भारत उभरती अर्थव्यवस्थाओं के सहयोग के लिए ब्रिक्स को एक प्रमुख मंच मानता है और वह एक शांतिपूर्ण, न्यायसंगत और संतुलित वैश्विक व्यवस्था की दिशा में काम करने को प्रतिबद्ध है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 3 और 4 जुलाई को त्रिनिदाद और टोबैगो की यात्रा पर रहेंगे, जो 1999 के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा है। यह देश भारत के लिए सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग रहते हैं, जो 19वीं सदी में भारत से गए प्रवासियों के वंशज हैं। यह प्रवासी समुदाय भारत और त्रिनिदाद-टोबैगो के बीच एक मजबूत सांस्कृतिक सेतु का कार्य करता है। इसके बाद प्रधानमंत्री 4 और 5 जुलाई को अर्जेंटीना जाएंगे, जहां रक्षा, कृषि, खनन, तेल और गैस जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की जाएगी। फिर वे ब्राजील में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। ब्राजील भारत का एक अहम वैश्विक साझेदार है और BRICS समूह का सक्रिय सदस्य भी। भारत-ब्राजील व्यापार $12.20 बिलियन तक पहुंच चुका है और फार्मास्यूटिकल्स, ऑटोमोबाइल तथा ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ रहा है। अंत में पीएम मोदी 9 जुलाई को नामीबिया का दौरा करेंगे, जो इस बहुपक्षीय विदेश यात्रा का अंतिम चरण होगा।
















































































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