दिल्ली की फ्यूल पॉलिसी पर यू-टर्न: पुरानी गाड़ियों पर बैन का फैसला 48 घंटे में वापस!
दिल्ली सरकार द्वारा 10 साल पुरानी डीजल और 15 साल पुरानी पेट्रोल गाड़ियों को जब्त किए जाने का फैसला वापस लेने से सेकेंड हैंड कार बाजार में हलचल मच गई। फैसले से पहले कार मालिकों में गाड़ी जब्त होने का डर था, जिस वजह से उन्होंने अपनी लग्जरी गाड़ियां बेहद कम कीमत पर बेचनी शुरू कर दीं। करोल बाग जैसे इलाकों में सेकेंड हैंड कार डीलर्स के पास देशभर से खरीददारों के कॉल्स आने लगे। कारोबारियों के मुताबिक, उन्होंने पहली बार इतना पैनिक और डर देखा, जिससे गाड़ियों की बिक्री अचानक तेज हो गई। यह फैसला दिल्ली के बाहर वालों के लिए सस्ते में लग्जरी कार खरीदने का सुनहरा मौका बन गया।
दिल्ली में 10 साल पुरानी डीजल और 15 साल पुरानी पेट्रोल गाड़ियों पर लगे प्रतिबंध को लेकर उपजे डर ने सेकेंड हैंड कार बाजार में हड़कंप मचा दिया। कारोबारी बताते हैं कि आम हो या लग्जरी गाड़ियां, जिनकी मियाद पूरी होने वाली थी, उनके मालिक किसी भी कीमत पर गाड़ियां बेचने को तैयार हो गए। मर्सिडीज GLS जैसी डेढ़ करोड़ की कार सिर्फ 12-13 लाख में बिक रही थी। गाड़ी मालिकों का मानना था कि कुछ दिन बाद ये गाड़ियां कबाड़ बन जाएंगी। हालांकि सरकार ने महज दो दिन में फैसला वापस ले लिया, पर्यावरण मंत्री ने तकनीकी खामियों को कारण बताया।
















































































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