बिहार में वोटर लिस्ट रिवीजन के खिलाफ विपक्ष का बड़ा प्रदर्शन, राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के नेतृत्व में निकला विशाल मार्च।
बिहार में वोटर लिस्ट रिवीजन को लेकर आज विपक्ष ने एकजुट होकर राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता तेजस्वी यादव के नेतृत्व में पटना में एक विशाल विरोध मार्च शुरू हुआ, जिसमें हजारों की संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक सड़कों पर उतरे। विपक्ष का आरोप है कि राज्य सरकार और चुनाव आयोग मिलकर जानबूझकर वोटर लिस्ट से विशेष समुदायों, खासकर दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्ग के मतदाताओं के नाम हटाने का प्रयास कर रही है। इस मार्च में कांग्रेस, राजद, वाम दलों सहित महागठबंधन के अन्य घटक दलों के कई बड़े नेता और विधायक भी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि यह रिवीजन प्रक्रिया लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है और इसका मकसद आगामी चुनावों में मतदाता संख्या को प्रभावित करना है। जगह-जगह रैलियों, नारेबाज़ी और सरकार विरोधी पोस्टरों के माध्यम से जनता को जागरूक करने की कोशिश की जा रही है।
पुलिस ने कई जगहों पर बैरिकेडिंग कर मार्च को रोकने की कोशिश की, जिससे कुछ स्थानों पर तनाव की स्थिति भी बनी। हालांकि, विपक्षी दलों का कहना है कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और जब तक सरकार इस प्रक्रिया को निष्पक्ष रूप से संचालित करने का आश्वासन नहीं देती, तब तक विरोध जारी रहेगा। इस बंद का असर राज्य के कई जिलों में देखने को मिल रहा है, जहां दुकानें, बाजार और परिवहन सेवाएं आंशिक रूप से ठप हो गई हैं। यह आंदोलन अब न सिर्फ बिहार, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि इसे विपक्षी दलों द्वारा लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा के संघर्ष के रूप में प्रचारित किया जा रहा है।
















































































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