राहुल गांधी ने लगाया माइक बंद करने का आरोप, संसद में अभिव्यक्ति की आज़ादी पर फिर उठा सवाल।
आज से संसद का मानसून सत्र शुरू हो गया है। सत्र की शुरुआत से ही पक्ष और विपक्ष दोनों ही पूरी तैयारी के साथ संसद में पहुंचे हैं। किसी के पास तीखे सवाल हैं तो कोई जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। कुछ नेता जहां हंगामा कर संसद की कार्यवाही रोकना चाहते हैं, तो कुछ उसका जवाब देने के लिए मजबूती से खड़े हैं। सत्र के पहले ही दिन से संसद में तेज़ बहस और तकरार देखने को मिली। अहमदाबाद में हुए विमान हादसे को लेकर विपक्ष ने सरकार को कठघरे में खड़ा किया और इस पर जवाब मांगा। विपक्ष ने इसे लेकर तीखा टिटलेस हमला बोला और सरकार की जवाबदेही तय करने की मांग की। संसद के भीतर इस मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ, जिससे कार्यवाही में भी रुकावट आई।
विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर आरोप लगाया कि जब वह कुछ बोलते हैं, तो माइक बंद कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी बात रखने नहीं दी जाती, जबकि लोकतंत्र में हर सांसद को बोलने का अधिकार है। यह बात कई बार चर्चा में आ चुकी है और अब फिर से संसद में गर्म मुद्दा बन गई है। इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में कहा, “आपके हर सवाल का जवाब हम पूरी दृढ़ता और विश्वास से देंगे। आप निडर होकर प्रश्न पूछिए, सरकार हर बात का जवाब देने को तैयार है। पहले दिन से ही साफ है कि यह मानसून सत्र काफी गरमागरम बहस, आरोप-प्रत्यारोप और हंगामों से भरा रहेगा। कई अहम बिल भी पेश किए जाएंगे, जिन पर संसद के दोनों सदनों में तीखी बहस की उम्मीद है। इस मानसून सत्र से जनता को बड़ी उम्मीदें हैं, लेकिन यह देखना दिलचस्प होगा कि बहस और जवाबों के बीच कितना सार्थक काम हो पाता है।
आगामी दिनों में किन मुद्दों पर बहस हो सकती है:
* अहमदाबाद विमान हादसे की जांच और जिम्मेदारी तय करना
* राहुल गांधी और विपक्ष के बोलने के अधिकार को लेकर बहस
* महंगाई, बेरोज़गारी और किसानों से जुड़े सवाल
* महिला सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था पर प्रस्ताव
* सरकार द्वारा लाए जाने वाले नए विधेयक (बिल)
















































































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