क्या स्मृति ईरानी राजनीति छोड़कर फिर बनेंगी 'तुलसी'? टीवी पर आइकॉनिक किरदार में वापसी से अटकलें तेज़!
एक वक्त था जब हर घर में सिर्फ एक ही नाम गूंजता था – तुलसी वीरानी। अब उसी आइकॉनिक किरदार में एक बार फिर स्मृति ईरानी की वापसी हो रही है। 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' का नया अध्याय जल्द टीवी पर दस्तक देने वाला है और एकता कपूर की इस नई पेशकश में स्मृति एक बार फिर तुलसी का रोल निभाएंगी। दर्शकों के बीच इस खबर से जबरदस्त उत्साह है, सोशल मीडिया पर #TulsiReturns ट्रेंड कर रहा है। लेकिन इस वापसी ने राजनीति के गलियारों में भी हलचल मचा दी है। सवाल उठने लगे हैं – क्या स्मृति अब अभिनय की दुनिया में पूरी तरह लौटने वाली हैं? क्या वह राजनीति से ब्रेक लेने जा रही हैं?
हाल के महीनों में स्मृति ईरानी की राजनीतिक सक्रियता पहले की तुलना में कम देखी गई है। संसद में कम उपस्थिति, चुनाव प्रचार से दूरी और अब टीवी में वापसी – इन संकेतों को लेकर चर्चाएं तेज़ हैं। विपक्षी दल इसे राजनीतिक थकान बता रहे हैं, तो कुछ इसे हार के डर से दूरी का नाम दे रहे हैं। वहीं बीजेपी समर्थकों में भी इस पर मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। हालांकि, खुद स्मृति ईरानी ने इन अटकलों को खारिज किया है। एक इंटरव्यू में उन्होंने स्पष्ट कहा, "मैं जहां भी रहती हूं, अपना 100% देती हूं – फिर चाहे वो संसद हो या स्टूडियो।" उनका यह बयान इस ओर इशारा करता है कि वो राजनीति और अभिनय – दोनों को साथ लेकर चलने का इरादा रखती हैं। टीवी दर्शक तुलसी की वापसी से बेहद रोमांचित हैं, वहीं राजनीतिक विश्लेषक इसे एक रणनीतिक कदम मान रहे हैं – शायद ब्रांड वैल्यू को फिर से मजबूत करने की कोशिश, या एक नई छवि गढ़ने की तैयारी। अब देखने वाली बात ये होगी कि क्या यह वापसी सिर्फ टीवी तक सीमित रहेगी, या वाकई स्मृति ईरानी राजनीति से एक लंबा ब्रेक लेने वाली हैं। एक बात तो तय है – चाहे राजनीति हो या पर्दा, स्मृति जहां होती हैं वहां ड्रामा ज़रूर होता है!
















































































Leave Your Message