मनसा देवी मंदिर में दुखद हादसा: भीड़, तार और दुकानों के जाल में फंसी जिंदगी – मची भगदड़।
हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में रविवार सुबह 9:15 बजे भगदड़ हो गई। इस हादसे में 8 लोग मारे गए और 30 से ज्यादा लोग घायल हो गए। यह मंदिर पहाड़ पर बना है और यहां पहुंचने के लिए करीब 800 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। चश्मदीद संतोष कुमार ने बताया कि मंदिर तक पहुंचने के लिए करीब 25 सीढ़ियां बची थीं, तभी ये हादसा हुआ। उस दिन भीड़ बहुत ज्यादा थी। कुछ लोग तार पकड़कर आगे बढ़ रहे थे, उसी समय कुछ तार टूट गए और उनमें करंट आ गया। इससे अफरातफरी मच गई और लोग नीचे गिरने लगे। हालांकि, हरिद्वार पुलिस ने कहा कि मंदिर में करंट फैलने की बात गलत है। गढ़वाल डिवीजन के कमिश्नर विनय शंकर पांडे ने बताया कि भारी भीड़ की वजह से यह हादसा हुआ। हरिद्वार के SSP प्रमेंद्र सिंह डोभाल ने बताया कि भगदड़ में 35 लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। दुख की बात है कि 8 लोगों की मौत हो गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले की जांच के लिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं।
मंदिर के रास्ते पर दोनों तरफ फूल, प्रसाद, खिलौने और खाने-पीने की सैकड़ों दुकानें लगी थीं, जो भीड़ को रोक रही थीं और आपातकालीन निकासी के लिए कोई सुरक्षित रास्ता नहीं छोड़ रही थीं। भगदड़ के दौरान श्रद्धालु इन दुकानों के बीच फंस गए। हादसे के बाद कई दुकानें बंद कर दी गईं। कुछ दुकानदार अपना सामान लेकर भाग गए, जबकि कुछ ने माल को प्लास्टिक के बोरों में भरकर पहाड़ी के पीछे छिपा दिया। यह क्षेत्र राजाजी टाइगर रिजर्व का हिस्सा है, जहां वाणिज्यिक गतिविधि पर रोक है।
















































































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