बिहार चुनाव से पहले विपक्ष का बड़ा दांव: राहुल-तेजस्वी मिलकर निकालेंगे जनसंपर्क यात्रा।
बिहार में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव से पहले विपक्ष ने चुनावी बिगुल फूंक दिया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के आवास पर बीते दिन इंडिया गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें एक बड़ी रणनीति पर सहमति बनी। बैठक में फैसला लिया गया कि महागठबंधन आने वाले अगस्त महीने में राज्यभर में एक व्यापक जनसंपर्क यात्रा शुरू करेगा। खास बात यह है कि इस यात्रा में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी भी हिस्सा लेंगे। तेजस्वी यादव और राहुल गांधी एक साथ बिहार के अलग-अलग हिस्सों का दौरा करेंगे और जनता के बीच मौजूदा एनडीए सरकार की नाकामियों को उजागर करेंगे। तीन घंटे चली इस बैठक में समन्वय समिति ने तय किया कि यह यात्रा रक्षाबंधन के बाद शुरू होगी और राज्य के हर प्रमंडल तक पहुंचेगी। यात्रा का मकसद है बूथ स्तर तक जाकर जनता को यह बताना कि कैसे बिहार की एनडीए सरकार भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था और जनहित के मामलों में पूरी तरह विफल रही है। तेजस्वी यादव ने प्रेस को बताया कि राज्य में करीब 70 हजार करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है, लेकिन सरकार चुप है। साथ ही चुनाव आयोग की वोटर लिस्ट रिवीजन प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए गए, जिसमें मतदाताओं के नाम कथित रूप से जानबूझकर काटे जा रहे हैं। तेजस्वी ने यह भी कहा कि महागठबंधन की यह यात्रा केवल प्रचार नहीं, बल्कि जनसुनवाई का माध्यम होगी। इसमें राष्ट्रीय स्तर के कई नेता भाग लेंगे और जनता से सीधा संवाद करेंगे। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने पुष्टि की कि राहुल गांधी खुद इस यात्रा में शामिल होंगे और जनता के बीच जाकर संवाद स्थापित करेंगे। यात्रा की तारीख और पूरा रूट जल्द ही सार्वजनिक किया जाएगा। कुल मिलाकर, बिहार की सियासत में महागठबंधन ने अब आक्रामक रुख अपनाया है, और राहुल-तेजस्वी की जोड़ी एक बार फिर राज्य की राजनीति में हलचल मचाने को तैयार है। राजनीति में कई अहम घटनाएं घट चुकी हैं, जो मौजूदा राजनीतिक माहौल को काफी हद तक प्रभावित कर रही हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाल ही में जनता को लुभाने के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं, जिनमें फ्री बिजली योजना, महिलाओं को आरक्षण, सरकारी नौकरियों में तेजी, युवा आयोग का गठन और आशा-ममता कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहन राशि जैसी घोषणाएं शामिल हैं। इन फैसलों को चुनावी नजर से मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है। वहीं, एनडीए गठबंधन के भीतर सीट बंटवारे और नेतृत्व को लेकर खींचतान की खबरें भी सामने आ रही हैं, जिससे गठबंधन में दरार की अटकलें लगाई जा रही हैं। दूसरी ओर, महागठबंधन लगातार अपनी सक्रियता बढ़ा रहा है। राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ जैसी पहलों ने विपक्षी कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भरी है, और अब बिहार में भी वे तेजस्वी यादव के साथ यात्रा पर निकलने जा रहे हैं।
















































































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