रूस को चेतावनी या चुनौती? ट्रंप ने परमाणु पनडुब्बियों को तैनात करने का दिया आदेश।
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए वहां के पास दो परमाणु पनडुब्बियों की तैनाती का आदेश दिया है। यह फैसला रूस की सुरक्षा परिषद के डिप्टी चेयरमैन दिमित्री मेदवेदेव के बयान के बाद आया, जिसमें उन्होंने ट्रंप को चेताते हुए कहा था कि, “हर अल्टीमेटम अमेरिका को युद्ध की ओर ले जा सकता है” और ट्रंप को बाइडेन जैसा ‘स्लीपी जो’ नहीं बनना चाहिए। ट्रंप ने मेदवेदेव के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “उसे कहो कि अपनी जुबान पर लगाम लगाए।” उन्होंने मेदवेदेव पर तंज कसते हुए कहा कि वह अब भी खुद को राष्ट्रपति समझते हैं और खतरनाक ज़मीन पर चल रहे हैं। ट्रंप ने यह भी कहा कि वह अब रूस और राष्ट्रपति पुतिन से निराश हैं और यदि प्रतिक्रिया देनी है तो “अब और इंतजार नहीं” किया जाना चाहिए।
डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रूस को यूक्रेन युद्ध रोकने के लिए दी गई 10 दिन की डेडलाइन के बाद रूस और अमेरिका के बीच तनाव और गहरा गया है। पहले ट्रंप ने 50 दिन की मोहलत दी थी जिसे अब घटाकर 10 दिन कर दिया गया है। इसी बयान पर रूस की सुरक्षा परिषद के डिप्टी चेयरमैन मेदवेदेव ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी। वहीं ट्रंप ने रूस के पास दो परमाणु पनडुब्बियां तैनात करने का आदेश देकर इस तनाव को और बढ़ा दिया है, जिसे क्रेमलिन ने गंभीरता से लिया है। इस बीच, रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर एक भयानक ड्रोन और मिसाइल हमला किया, जिसमें 5 बच्चों सहित 31 लोगों की मौत हो गई और 150 से अधिक घायल हुए। हमले के बाद शुक्रवार को कीव में आधिकारिक शोक दिवस मनाया गया। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रूस की इस कार्रवाई को "नृशंस हमला" बताया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मूक दर्शक ना बने रहने की अपील की। उन्होंने ट्रंप, यूरोपीय नेताओं और अन्य सहयोगियों का समर्थन के लिए आभार जताते हुए रूस पर अधिक प्रतिबंध लगाने की मांग की।
















































































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