38 महीने से बकाया वेतन नहीं मिलने पर कर्नाटक के रोडवेज कर्मचारी हड़ताल पर, लाखों यात्रियों की बढ़ी परेशानी।
कर्नाटक में आज से राज्य के चारों प्रमुख सड़क परिवहन निगम — KSRTC, BMTC, NWKRTC और KKRTC — के कर्मचारियों ने हड़ताल शुरू कर दी है। यह हड़ताल 38 महीने की बकाया तनख्वाह की मांग को लेकर की जा रही है, जिसमें जनवरी 2020 से फरवरी 2023 तक की सैलरी शामिल है। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार ने 2020 में 15% वेतन वृद्धि का वादा किया था, लेकिन अभी तक उन्हें उनका बकाया नहीं मिला है, जिसकी राशि लगभग ₹1,785 करोड़ तक पहुँच चुकी है। इस हड़ताल का असर पूरे राज्य में देखा जा रहा है, खासकर उन लोगों पर जो रोज़ाना बसों से यात्रा करते हैं। कर्नाटक हाई कोर्ट ने सोमवार को यूनियनों को हड़ताल रोकने का आदेश दिया था, लेकिन इसके बावजूद कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। इस पर परिवहन मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने नाराज़गी जताई और कहा कि कोर्ट का आदेश मानना जरूरी है, वरना यह अवमानना मानी जाएगी। उन्होंने सभी परिवहन निगमों को निर्देश दिया है कि सेवाएं जारी रखने की कोशिश की जाए। जानकारी के मुताबिक, इन चारों निगमों की बसों से रोजाना लगभग 1.1 करोड़ लोग सफर करते हैं, जिनमें से सिर्फ BMTC की बसों से ही 40 लाख से ज्यादा यात्री यात्रा करते हैं। ऐसे में हड़ताल से आम जनता को भारी परेशानी हो रही है और सरकार इस मुद्दे को सुलझाने के लिए कदम उठा रही है।
















































































Leave Your Message