‘मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार में भारी गड़बड़ी’— राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर लगाया बड़ा भ्रष्टाचार का आरोप।
राहुल गांधी ने 7 अगस्त को जारी अपने वीडियो संदेश में चुनाव आयोग पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि देश में बड़े पैमाने पर सुनियोजित तरीके से “वोट चोरी” की जा रही है, जिसमें चुनाव आयोग की सीधी मिलीभगत है और इसका सीधा फायदा बीजेपी को मिल रहा है। राहुल गांधी ने दावा किया कि कांग्रेस के पास इस कथित गड़बड़ी के ऐसे पुख्ता सबूत हैं, जो “एटम बम” की तरह असर करेंगे। अगर इन्हें सार्वजनिक कर दिया गया, तो चुनाव आयोग का देश में कोई ठिकाना नहीं बचेगा। राहुल के मुताबिक, पार्टी ने बीते छह महीनों में मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक जैसे राज्यों में गहन जांच की है। इस दौरान मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर हेराफेरी, फर्जी वोटरों के नाम जोड़ने-हटाने और फ़ॉर्म-6 के दुरुपयोग जैसी गंभीर गड़बड़ियां सामने आईं। उन्होंने बेंगलुरु सेंट्रल सीट का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर बदलाव किए गए। महाराष्ट्र का जिक्र करते हुए राहुल ने आरोप लगाया कि वहां एक करोड़ से अधिक “रहस्यमयी” वोटर सूची में जोड़े गए, जो राज्य की जनसंख्या के आधिकारिक आंकड़ों से मेल नहीं खाते। फ़ॉर्म-6 का दुरुपयोग करके हजारों नकली नाम जोड़े गए और असली मतदाताओं के नाम काट दिए गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने इन गड़बड़ियों से जुड़े सीसीटीवी फुटेज नष्ट कर दिए और आवश्यक मतदाता डेटा जनता के सामने पेश नहीं किया, ताकि सबूत छिपाए जा सकें। राहुल ने सवाल उठाया, “अगर चुनाव आयोग निर्दोष है, तो वह सभी डेटा और सबूत पारदर्शी तरीके से क्यों नहीं पेश करता? उन्होंने चेतावनी दी कि यह मामला सिर्फ आंकड़ों का हेरफेर नहीं, बल्कि लोकतंत्र की नींव को कमजोर करने वाला खतरा है। राहुल ने न्यायपालिका और संवैधानिक संस्थाओं से अपील की कि इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप कर पारदर्शिता सुनिश्चित करें।
















































































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