CM की कुर्सी बची, मगर मंच पर जगह नहीं! बिहार में कौन चला रहा है सरकार?
सीतामढ़ी में मां सीता मंदिर के भूमि पूजन और शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने न सिर्फ वहां मौजूद लोगों का ध्यान खींचा, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी नई बहस छेड़ दी। यह कार्यक्रम बीते दिन आयोजित किया गया था, जिसमें बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एक साथ मंच पर मौजूद थे। मंदिर परिसर में पूजा की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। पूजा के बीच अमित शाह एक छोटे लकड़ी के चौकीनुमा आसन पर बैठ गए। उनके बगल में एक और छोटा टेबल जैसा आसन रखा गया था, जो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए था। जैसे ही नीतीश कुमार वहां पहुंचे, अमित शाह ने मुस्कुराते हुए उनका हाथ पकड़कर उन्हें बैठाने की कोशिश की। यह दृश्य वहां मौजूद कैमरों में कैद हो गया। लेकिन यहां से घटना ने एक अलग ही मोड़ लिया। नीतीश कुमार ने पहली बार बैठने की कोशिश की, लेकिन सहज नहीं हो पाए। दूसरी और तीसरी बार भी उन्होंने बैठने की कोशिश की, मगर हर बार किसी न किसी वजह से बैठ नहीं पाए। अमित शाह बार-बार इशारे से उन्हें आसन ग्रहण करने के लिए कहते रहे, लेकिन नतीजा वही रहा। आखिरकार, आयोजकों ने तुरंत उनके लिए एक कुर्सी मंगवाई। फिर नीतीश कुमार उस पर बैठकर पूजा में शामिल हुए। यह पूरा वाकया कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। विपक्ष ने इसे तुरंत राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एक्स पर इस वीडियो को साझा करते हुए लिखा “क्या हालत बना दी है… बस मुख्यमंत्री जी के क्रियाकलाप और भंगिमा को देखते जाइए और अंदाज़ लगाइए कि बिहार को कौन चला रहा है।” उनके इस बयान में इशारा साफ था कि राज्य की बागडोर किसके हाथ में है। वीडियो के वायरल होने के बाद से राजनीतिक हलकों में इस पर लगातार चर्चा हो रही है। समर्थक और विरोधी, दोनों पक्ष अपने-अपने तरीके से इसे तुलना कर रहे हैं। कुछ लोग इसे एक सामान्य शारीरिक असुविधा मान रहे हैं, तो कुछ इसे राजनीतिक शक्ति संतुलन का प्रतीक बता रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि इस पूरे विवाद और वायरल वीडियो पर अब तक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन जिस तरह से यह घटना सोशल मीडिया और न्यूज़ चैनलों पर छाई हुई है, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में यह मामला बिहार की राजनीति में और भी तूल पकड़ सकता है।
















































































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