फतेहपुर मकबरा विवाद: सियासत गरम, सदन में हंगामा और नेताओं के तीखे बयान!

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में धार्मिक स्थल को लेकर उठे विवाद ने अब तूल पकड़ लिया है। हिंदू संगठनों द्वारा एक पुराने मकबरे को "ठाकुर मंदिर" घोषित कर उस पर चढ़कर तोड़फोड़ करने की घटना के बाद से राजनीति और कानून व्यवस्था दोनों गर्माए हुए हैं। इस घटना के बाद प्रशासन ने आनन-फानन में रातोंरात मरम्मत कराई, लेकिन यह मामला अब यूपी विधानसभा तक पहुंच चुका है।

विपक्षी समाजवादी पार्टी ने सदन में सरकार पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि यह विवाद जानबूझकर पैदा किया गया है ताकि सांप्रदायिक माहौल खराब हो। सपा सांसद नरेश उत्तम ने इस मुद्दे को गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर भी उठाया है। इस बीच एफआईआर में खुलासा हुआ कि समाजवादी पार्टी के नेता पप्पू सिंह चौहान विवाद में शामिल थे, जिन्हें पार्टी ने तत्काल निष्कासित कर दिया।

बसपा सुप्रीमो मायावती ने ट्वीट कर राज्य सरकार से कहा कि किसी भी पक्ष को ऐसा कोई कदम नहीं उठाने देना चाहिए जिससे भाईचारा बिगड़े। वहीं AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी के करीबी आसिम वकार ने मायावती के बयान को "नरम रुख" बताया और मुस्लिम पक्ष के समर्थन में खुलकर बोलने की मांग की।

सरकार की ओर से डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और प्रभारी मंत्री ब्रजेश पाठक ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस और सपा इस मामले को धार्मिक रंग देकर वोट बैंक की राजनीति कर रही हैं। उनका दावा है कि राज्य सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने और दोषियों पर कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

फिलहाल फतेहपुर में हालात नियंत्रण में हैं। सात जिलों की पुलिस फोर्स तैनात की गई है, उपद्रवियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और माहौल शांत है। लेकिन ये साफ है कि मकबरे से शुरू हुआ यह विवाद अब राजनीति का हथियार बन गया है, जिसकी गूंज सदन से लेकर सोशल मीडिया तक सुनाई दे रही है।
 

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