दिल्ली में यमुना ने पार किया खतरे का निशान, जलस्तर 205.42 मीटर के हुआ पार ।
दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर लगातार खतरे की ओर बढ़ता जा रहा है और सोमवार, 18 अगस्त को दोपहर 3 बजे यह 205.42 मीटर तक पहुंच गया, जो कि खतरे के निशान 205.33 मीटर से ऊपर है। सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग पहले ही इसको लेकर चेतावनी जारी कर चुका था कि यमुना का जलस्तर 206 मीटर को पार कर सकता है। यह स्थिति दिल्ली के लिए गंभीर मानी जा रही है क्योंकि इससे पहले भी जलस्तर बढ़ने की घटनाओं में राजधानी के कई निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन चुके हैं। यमुना में जलस्तर बढ़ने की मुख्य वजह हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज से लगातार छोड़ा जा रहा पानी है, जिससे नदी में बहाव तेज हो गया है। इसके चलते उत्तरी दिल्ली, मजनूं का टीला, कश्मीरी गेट, यमुना बाजार, नांगली, ओखला और आईटीओ जैसे क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन ने इन इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है और राहत व बचाव टीमों को तैनात किया जा रहा है। नावों, बोट्स और रेस्क्यू उपकरणों के साथ एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी तैयार रखी गई हैं।
स्थानीय लोगों को निचले इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है, और सरकार की ओर से अस्थायी राहत शिविरों की व्यवस्था भी की गई है। इसके अलावा, स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद किया जा सकता है और ट्रैफिक डायवर्जन के निर्देश भी दिए गए हैं ताकि जनजीवन प्रभावित न हो। यमुना के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए स्थिति पर पल-पल नजर रखी जा रही है और प्रशासन किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। यह स्थिति न केवल दिल्लीवासियों के लिए चुनौतीपूर्ण है, बल्कि यह जलवायु परिवर्तन और अव्यवस्थित शहरीकरण की ओर भी इशारा करती है, जिससे नदियों के प्राकृतिक प्रवाह पर प्रभाव पड़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते उचित जल प्रबंधन और तटबंध सुरक्षा उपाय नहीं किए गए, तो यह संकट और भी गंभीर रूप ले सकता है।
















































































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