तंबाकू से लेकर खराब लाइफस्टाइल तक – जानिए ओरल कैंसर के 6 बड़े कारण।
दुनियाभर में कैंसर एक गंभीर और तेजी से फैलने वाली बीमारी बन चुका है, और भारत में इसका सबसे आम रूप है ओरल कैंसर यानी मुंह का कैंसर। पहले यह बीमारी आमतौर पर बुजुर्गों में देखी जाती थी, लेकिन अब 30 से 40 साल की उम्र के युवाओं में भी इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे कुछ खास जीवनशैली से जुड़ी आदतें ज़िम्मेदार हैं। मैक्स अस्पताल, साकेत (दिल्ली) के प्रिंसिपल कंसल्टेंट, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी और रोबोटिक सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. अक्षत मलिक के अनुसार, ओरल कैंसर के मुख्य कारणों में तंबाकू और गुटखा का सेवन, शराब पीना, खराब ओरल हाइजीन और HPV संक्रमण शामिल हैं। डॉ. मलिक यह भी बताते हैं कि अगर समय रहते इसके लक्षणों को पहचान लिया जाए तो इस बीमारी से बचाव और इलाज दोनों संभव हैं। ओरल कैंसर के शुरुआती लक्षणों में मुंह में लगातार छाला या घाव, मसूड़ों से खून आना, गालों में गांठ, आवाज़ में बदलाव और निगलने में तकलीफ शामिल हो सकते हैं।
ओरल कैंसर के मुख्य कारण:
1 तंबाकू और गुटखा का सेवन
* यह ओरल कैंसर का सबसे बड़ा कारण है। चाहे वह चबाने वाला तंबाकू हो, बीड़ी-सिगरेट या पान मसाला—मुंह की कोशिकाओं पर इनका लगातार असर पड़ता है।
2 अत्यधिक शराब का सेवन
* शराब और तंबाकू का कॉम्बिनेशन ओरल कैंसर का खतरा कई गुना बढ़ा देता है।
3 एचपीवी (HPV) संक्रमण
* ह्यूमन पैपिलोमा वायरस एक यौन संचारित वायरस है, जो मुंह और गले के कैंसर का कारण बन सकता है।
4 खराब ओरल हाइजीन
* दांतों की सफाई न करना, मुँह में लंबे समय तक छाले या चोटों का बने रहना भी जोखिम को बढ़ा सकता है।
5 खराब खानपान और पोषण की कमी
*विटामिन A, C और E की कमी से शरीर की कोशिकाएं कमजोर होती हैं, जिससे कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।
6 लगातार जलन या घाव
* मुंह में बार-बार चोट लगना, जैसे गलत तरीके से फिट दांत या ब्रेसेस से घिसाव, भी कैंसर को जन्म दे सकता है।
















































































Leave Your Message