मायावती के सांसद ने मुँह खोला बताया, अकेले चुनाव लड़ने की वजह।
2024 के चुनावी से पहले बीएसपी सुप्रीमो मायावती के एक ऐलान ने हंगामा मचा दिया है। अपने जन्मदिन के मौके पर यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने लोकसभा चुनाव अकेले लड़ने की घोषणा की है। मायावती ने यह घोषणा ऐसे वक्त में की है, जब बसपा सुप्रीमो के विपक्षी इंडिया गठबंधन के साथ जाने की चर्चा थी। मायावती की बहुजन समाज पार्टी का यूपी, मध्य प्रदेश, राजस्थान और पंजाब में मजबूत जनाधार है। इन राज्यों में लोकसभा की करीब 160 सीटें हैं।
मायावती ने अकेले लड़ने का फैसला क्यों लिया है, यह चर्चा का विषय बना हुआ है। सबसे ज्यादा चर्चा बीएसपी के उन सांसदों को लेकर हो रही है, जो पिछले चुनाव में सपा-बसपा गठबंधन के सहारे संसद पहुंचने में कामयाब हुए थे। 2019 में मायावती ने समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ा था। गठबंधन के तहत मायावती को 38 सीटें मिली थी, जिसमें से उनकी पार्टी 10 सीटों पर जीतने में सफल रही थी। इस फैसले के बाद बसपा के सांसदों ने क्या कहा ? अमरोहा से सांसद दानिश अली वर्तमान में बहुजन समाज पार्टी से निलंबित चल रहे हैं। पार्टी विरोधी गतिविधि का आरोप लगाकर हाल ही में मायावती ने उन्हें पार्टी से निलंबित किया था। मायावती के अकेले लड़ने के फैसले पर मीडिया से बात करते हुए दानिश अली ने कहा- यह बीएसपी चीफ का व्यक्तिगत फैसला है। मैं इस पर कुछ नहीं बोल सकता हूं। बिजनौर से सांसद मूलक नागर ने कहा मायावती के अकेले लड़ने के फैसले पर मलूक नागर ने स्थानीय पत्रकारों से बात की। नागर ने कहा है कि मायावती जी किसी के भी दबाव में नहीं हैं। हम मजबूती से चुनाव लड़ेंगे। हम अपने तरीके से राजनीति कर रहे हैं। बाहुबली मुख्तार अंसारी ने कहा मायावती के अकेले चुनाव लड़ने के फैसले पर अफजाल कहते हैं- अभी फाइनल फैसला नहीं हुआ है।
गठबंधन को लेकर मायावती जी गंभीरता से विचार कर रही हैं। आगे जो भी होगा, आप सबको पता चल जाएगा। हालांकि, सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज है कि 2024 का चुनाव अफजाल सपा के सिंबल पर लड़ सकते हैं। अफजाल के एक भतीजे वर्तमान में सपा से विधायक भी हैं।
















































































Leave Your Message