दो स्वदेशी स्टेल्थ फ्रिगेट INS उदयगिरी और INS हिमगिरी नौसेना में शामिल, बढ़ाएंगे भारत की समुद्री सुरक्षा और ताकत। 

आज भारतीय नौसेना को दो स्वदेशी और अत्याधुनिक युद्धपोत – INS उदयगिरी और INS हिमगिरी – मिलने जा रहे हैं, जो दोपहर 2:45 बजे नौसेना के बेड़े में आधिकारिक रूप से शामिल किए जाएंगे। यह पहला मौका है जब दो अलग-अलग भारतीय शिपयार्डों – मुंबई स्थित मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड और कोलकाता के गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) – में निर्मित युद्धपोत एक साथ नौसेना में शामिल किए जा रहे हैं। ये दोनों युद्धपोत प्रोजेक्ट 17ए के तहत बनाए गए हैं और भारतीय औद्योगिक तकनीक और आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश करते हैं। INS उदयगिरी का नाम आंध्र प्रदेश की पर्वत श्रृंखला पर आधारित है, जबकि INS हिमगिरी का नाम पुराने हिमगिरी युद्धपोत से लिया गया है। इनकी लंबाई 149 मीटर, वजन लगभग 6,670 टन और गति 52 किमी प्रति घंटा है, जबकि रेंज 10,000 किमी से अधिक है। दोनों पोत स्टेल्थ तकनीक से लैस हैं, जिससे ये दुश्मन के रडार, इंफ्रारेड और सोनार सेंसर की पकड़ में नहीं आते। ये ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल, अत्याधुनिक सोनार, और सी किंग हेलिकॉप्टर ऑपरेशंस जैसे कई हथियारों से लैस हैं, जो पनडुब्बी और सतह पर मौजूद दुश्मनों को मार गिराने में सक्षम हैं। हिंद महासागर, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में इनकी तैनाती से भारत की समुद्री निगरानी और रक्षा क्षमताओं में उल्लेखनीय इज़ाफा होगा। 200 से ज्यादा MSME कंपनियों की भागीदारी से बने इन जहाजों ने 4,000 से अधिक लोगों को रोजगार भी दिया है, जिससे यह परियोजना रक्षा और औद्योगिक क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि बन गई है।

 

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