जम्मू-कश्मीर में कुदरत का कहर: भारी बारिश और लैंडस्लाइड से 30 लोगो की मौत।
जम्मू-कश्मीर में पिछले दो दिनों से भारी बारिश और बाढ़ ने तबाही मचा रखी है। मौसम विभाग ने अगले 40 घंटों तक जम्मू संभाग में बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। खासतौर पर बुधवार और गुरुवार को बादल फटने और तेज़ हवाओं के साथ मूसलधार बारिश की आशंका जताई गई है।
माता वैष्णो देवी यात्रा के दौरान त्रिकुटा पर्वत मार्ग पर हुए भीषण भूस्खलन (लैंडस्लाइड) में अब तक 30 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है जबकि दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है, लेकिन खराब मौसम और मलबा हटाने में आ रही दिक्कतों के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी चुनौतियाँ आ रही हैं। वहीं, उत्तरी रेलवे ने जम्मू की ओर जाने वाली 22 ट्रेनों को कैंसिल कर दिया है और 27 ट्रेनों को बीच रास्ते में ही रोक दिया गया है। रेल यातायात बाधित होने से हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई स्टेशनों पर लोग फंसे हुए हैं और रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से गैरज़रूरी यात्रा से बचने की अपील की है। जम्मू डिवीजन में बुधवार को सभी स्कूल और सरकारी कार्यालय बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। प्रशासन ने एहतियातन एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात कर दी हैं और बाढ़ संभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है। इस समय जम्मू डिवीजन की प्रमुख नदियाँ — बसंतर, तवी और चिनाब, खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया है और ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों और मकानों को भारी नुकसान पहुंचा है। स्थानीय प्रशासन ने चेतावनी दी है कि लोग नदी किनारों से दूर रहें, अनावश्यक यात्रा न करें और मौसम विभाग तथा प्रशासन की ओर से जारी एडवाइजरी का पालन करें।
















































































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