पटना में बढ़ती राजनीतिक हिंसा: प्रदर्शन के दौरान बीजेपी-कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की लाठी-डंडों से भिड़ंत, शहर में फैला तनाव।
पटना की राजधानी में शुक्रवार, 29 अगस्त 2025 को भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प ने पूरे इलाके में तनाव का माहौल पैदा कर दिया। यह घटना कांग्रेस कार्यालय के सामने कांग्रेस के खिलाफ आयोजित एक प्रदर्शन के दौरान हुई, जहां दोनों पक्षों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामले ने हिंसक रूप ले लिया। शुरुआत में कुछ हल्की बहस और धक्का-मुक्की हुई, लेकिन देखते ही देखते दोनों पक्षों के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। झड़प इतनी तीव्र और उग्र हो गई कि हाथ में जो भी कुछ था—चप्पल, छड़ी, लाठी या अन्य कोई वस्तु—उसे मारने-पीटने के लिए हथियार के रूप में इस्तेमाल किया गया। दोनों ओर से लोग एक-दूसरे पर लाठी-डंडे चला रहे थे, जिससे माहौल बेहद भयावह हो गया।
स्थानीय लोगों में डर और दहशत फैल गई, कई दुकाने और वाहनों को नुकसान पहुंचा। पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालने की कोशिश की, लेकिन हिंसा और तोड़फोड़ को रोक पाना आसान नहीं था। पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस और लाठी चार्ज का सहारा लेना पड़ा। इस झड़प की वजह से आसपास के इलाके में संचार व्यवस्था भी प्रभावित हुई और लोगों को अपने काम-धंधे छोड़कर घर लौटना पड़ा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह झड़प आगामी बिहार चुनाव के मद्देनजर दोनों दलों के बीच बढ़ते राजनीतिक तनाव का नतीजा है। दोनों पार्टियों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाते हुए हिंसा भड़काने का जिम्मा ठहराया है, जिससे माहौल और भी गर्म होता जा रहा है। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय जांच का आदेश दिया है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। इस घटना ने न केवल राजधानी पटना की सड़कों पर कानून व्यवस्था को चुनौती दी है, बल्कि आम जनता के लिए भी चिंता का विषय बना है। लोग इस तरह की राजनीतिक हिंसा से भयभीत हैं और शांति व सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। अब यह देखने वाली बात होगी कि सरकार और प्रशासन इस स्थिति को कैसे नियंत्रित करते हैं और आगामी चुनावों में कहीं इसी तरह की हिंसा दोबारा न हो।
















































































Leave Your Message