रात के सन्नाटे में टूटा कहर: जम्मू-कश्मीर के चार जिलों में बादल फटने से तबाही, बच्चों से लेकर जवानों तक गई जान। 

जम्मू-कश्मीर में दो जगह बादल फटने की घटना सामने आई है। इसके चलते कुल 10 लोगों की मौत हो गई। रामबन जिले की राजगढ़ तहसील में देर रात बादल फट गया, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई जबकि कई अन्य अभी भी लापता हैं। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी है और मौके पर प्रशासनिक अमला बड़ी संख्या में मौजूद है। वहीं, रियासी जिले के माहौर क्षेत्र के बद्दर गांव में भी बीती रात बादल फटने से एक गरीब परिवार के सात सदस्यों की मौत हो गई। विधायक मोहम्मद खुर्शीद ने बताया कि हादसे के वक्त पूरा परिवार सो रहा था, जब अचानक मलबा उनके घर पर आ गिरा और वे दब गए। स्थानीय लोगों की मदद से सभी शवों को मलबे से बाहर निकाल लिया गया है। हादसे की गंभीरता को देखते हुए रामबन के उपायुक्त इलियास खान और अन्य वरिष्ठ अधिकारी रात करीब 2 बजे ही घटनास्थल पर पहुंच गए और राहत कार्यों की निगरानी की। फिलहाल प्रशासन हाई अलर्ट पर है और प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता दी जा रही है। जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही बादल फटने की घटनाओं ने कई जिलों को प्रभावित किया है, जिनमें किश्तवाड़, कठुआ और डोडा शामिल हैं। इन क्षेत्रों में भूस्खलन और बाढ़ जैसी आपदाएं भी सामने आई हैं, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सबसे भयावह घटना किश्तवाड़ जिले के चोसिती गांव में घटी, जहां 15 अगस्त को मचैल माता तीर्थ मार्ग पर बादल फटने से करीब 60 लोगों की मौत हो गई, जिनमें दो CISF जवान और कई तीर्थयात्री शामिल थे। इस त्रासदी में 50 से 220 लोग लापता बताए जा रहे हैं और 100 से अधिक घायल हुए हैं, जिसके चलते राहत कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है।

 

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