IMD की चेतावनी: इस बार सितंबर में भारी बारिश से उत्तराखंड, दिल्ली, पंजाब और अन्य राज्यों में आपदा का खतरा।
सितंबर 2025 में भारत में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है, जिसे लेकर भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है। इस महीने औसत मासिक वर्षा 167.9 मिमी के दीर्घकालिक औसत से 109% अधिक होने का अनुमान है, जिससे देश के कई हिस्सों में भारी बारिश के चलते बाढ़, भूस्खलन और अन्य आपदाओं की आशंका है। उत्तराखंड, दिल्ली, दक्षिणी हरियाणा और उत्तरी राजस्थान में सामान्य जनजीवन बाधित हो सकता है, खासकर उत्तराखंड में भारी बारिश के कारण नदियों के उफान पर आने और निचले इलाकों में बाढ़ आने की संभावना जताई गई है। साथ ही छत्तीसगढ़ के महानदी जलग्रहण क्षेत्र में भी अत्यधिक बारिश की चेतावनी दी गई है। वहीं पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों, सुदूर दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत और उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ क्षेत्रों में सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान है। महापात्र ने बताया कि 1980 के बाद से सितंबर में बारिश में हल्की वृद्धि देखी गई है, हालांकि कुछ वर्षों जैसे 1986, 1991, 2001, 2004, 2010, 2015 और 2019 में कम बारिश हुई। इस बार मानसून की वापसी की सामान्य तिथि भी 1 सितंबर से बढ़कर 17 सितंबर कर दी गई है, जो बारिश की बढ़ती प्रवृत्ति का संकेत है। जून से अगस्त तक देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई — जून में 9% अधिक, जुलाई में 5% अधिक और अगस्त में 5.2% अधिक। उत्तर-पश्चिम भारत में अगस्त महीने में 2001 के बाद सबसे अधिक और 1901 के बाद से 13वीं सबसे अधिक बारिश हुई है। दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत में भी सामान्य से 31% अधिक बारिश दर्ज की गई, जो 1901 के बाद से आठवीं सबसे अधिक है। पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में बाढ़, बादल फटने और भूस्खलन जैसी घटनाओं ने बड़ी तबाही मचाई है, और लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। मौसम विभाग ने इस असामान्य वर्षा के लिए सक्रिय मानसून और लगातार पश्चिमी विक्षोभों को जिम्मेदार ठहराया है, जिससे मानसूनी गतिविधियां लगातार तेज बनी हुई हैं और चरम मौसम की घटनाएं बढ़ रही हैं।
















































































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