बिहार में SIR प्रक्रिया के बाद सभी मतदाताओं को मिलेगा नया वोटर ID, विधानसभा चुनाव से पहले निर्वाचन आयोग की अहम पहल।
बिहार में निर्वाचन आयोग विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के पूरा होने के बाद राज्य के सभी 7.24 करोड़ मतदाताओं को नए मतदाता पहचान पत्र जारी करने की योजना बना रहा है। मतदाताओं से नई तस्वीर के साथ फॉर्म जमा कराने को कहा गया है, जिसका उपयोग रिकॉर्ड अपडेट और नए पहचान पत्र जारी करने के लिए किया जाएगा। हालांकि, नए पहचान पत्र कब और कैसे वितरित किए जाएंगे, इस पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। बिहार की अंतिम मतदाता सूची 30 सितंबर को प्रकाशित होगी। राज्य में विधानसभा चुनाव नवंबर 2025 में संभावित हैं, क्योंकि वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर को समाप्त हो रहा है। बिहार में निर्वाचन आयोग द्वारा जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के तहत अब तक 99% मतदाताओं ने अपने गणना फॉर्म दस्तावेजों के साथ जमा कर दिए हैं। इस प्रक्रिया में नई तस्वीरों को अनिवार्य किया गया है, ताकि रिकॉर्ड अपडेट कर नए मतदाता पहचान पत्र जारी किए जा सकें। वहीं, लगभग 30,000 नागरिकों ने याचिका दायर की है क्योंकि उनके नाम मसौदा मतदाता सूची से गायब थे।
राज्य में 7.24 करोड़ मतदाता हैं और अंतिम मतदाता सूची 30 सितंबर को प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद सभी मतदाताओं को नए पहचान पत्र जारी किए जाएंगे, हालांकि इसकी तारीख और प्रक्रिया पर अंतिम निर्णय अभी बाकी है। राज्य में विधानसभा चुनाव नवंबर 2025 में संभावित हैं क्योंकि वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर को समाप्त हो रहा है। इसके अलावा, बिहार देश का पहला राज्य बन गया है, जहां युक्तिकरण प्रक्रिया के तहत प्रति मतदान केंद्र मतदाताओं की संख्या 1500 से घटाकर अधिकतम 1200 कर दी गई है, जिससे मतदान केंद्रों की संख्या 77,000 से बढ़कर 90,000 हो गई है। यह कदम भीड़भाड़ कम करने और मतदान प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए उठाया गया है। यह युक्तिकरण मॉडल अब पूरे देश में लागू करने की योजना है। उल्लेखनीय है कि पिछले लोकसभा चुनावों में देशभर में 10.5 लाख मतदान केंद्र बनाए गए थे। इन सुधारों से न केवल मतदान प्रक्रिया अधिक सुचारु होगी, बल्कि मतदाता सहभागिता और पारदर्शिता में भी वृद्धि की उम्मीद है।
















































































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