अब शहर से गांव और गांव से शहर चलेंगी सरकारी बसें, मंत्री ने कहा – घर बैठे मिलेगा टिकट और बस की लोकेशन भी चलेगी पता।

मध्य प्रदेश में लगभग 20 साल पहले बंद हुई लोक परिवहन सेवा अब पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर फिर से शुरू होने जा रही है। यह बदलाव पत्रिका के जनअभियान की वजह से संभव हो पाया है, जिसने जुलाई 2024 से लगातार इस विषय पर समाचार प्रकाशित कर जनजागरण किया। नई बस सेवा को आधुनिक तकनीकों से लैस किया जाएगा, जिसमें घर बैठे टिकट बुकिंग, सीट रिजर्वेशन और रियल टाइम बस लोकेशन जैसी सुविधाएं मिलेंगी। सुरक्षा के लिहाज से हर 5-10 सेकंड में बस की जानकारी कंट्रोल रूम को वीएलडीटी सिस्टम के माध्यम से भेजी जाएगी। परिवहन मंत्री उदयप्रताप सिंह ने बताया कि राज्य में आधुनिक बस टर्मिनल और स्टैंड का निर्माण किया जाएगा और सेवा को इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) मॉडल पर आधारित किया जाएगा, जिसमें यात्रियों, बस ऑपरेटरों और सरकार – तीनों के हितों का ध्यान रखा जाएगा। इस सेवा की शुरुआत इंदौर संभाग से की जाएगी और इसे मार्च-अप्रैल 2026 से शुरू करने की योजना है।

परिवहन विभाग के सचिव मनीष सिंह ने बताया कि वर्तमान में राज्य में कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहाँ के लिए परमिट तो जारी किए गए हैं, लेकिन वहाँ वास्तव में बसें संचालित नहीं हो रही हैं। दूसरी ओर, कुछ स्थानों पर रूट उल्लंघन (रूट वायलेशन) की स्थिति भी पाई गई है। इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, अब बसों के रूट नए सिरे से तय किए जा रहे हैं। फिलहाल लगभग 50 प्रतिशत पंचायतों तक ही सार्वजनिक परिवहन सेवा (पब्लिक ट्रांसपोर्ट) की पहुँच है, लेकिन नई प्रणाली लागू होने के बाद यह पहुँच बढ़कर 75 प्रतिशत तक हो जाएगी। इसका सीधा लाभ ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों को मिलेगा, जिससे उनकी यात्रा सुविधाजनक और सुलभ हो सकेगी।


 

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