अखिलेश यादव का चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर प्रहार: ‘अगर वोट की चोरी हुई, तो भारत में भी सड़कों पर प्रदर्शन हो सकते हैं।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीते दिन लखनऊ में प्रेस वार्ता कर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने नेपाल में हाल ही में हुए हिंसक प्रदर्शनों का हवाला देते हुए कहा कि अगर भारत में भी वोट की डकैती हुई, तो यहां की जनता भी सड़कों पर उतर सकती है। अखिलेश ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी निभाने के बजाय बीजेपी के लिए "जुगाड़ आयोग" बन गया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि आयोग को सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के मुताबिक काम करना होगा और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना होगा। विदेश नीति पर हमला बोलते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि भारत सरकार पड़ोसी देशों के साथ शांति कायम करने में पूरी तरह नाकाम रही है। नेपाल में जो हालात बने, उनके पीछे सिर्फ एक वजह नहीं थी, बल्कि गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई और वहां के युवाओं की बेचैनी जैसी कई परतें थीं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के इस दौर में सीमाएं मायने नहीं रखतीं और हर मुद्दा वैश्विक बहस का हिस्सा बन जाता है। यूपी की कानून व्यवस्था और प्रशासनिक भ्रष्टाचार पर निशाना साधते हुए अखिलेश बोले, "करप्शन, किडनैपिंग और डिजिटल गिरफ्तारी में यूपी नंबर वन है। सीएम आवास के बाहर लोग जहर खाकर मर रहे हैं और पंचायतों में 60 फीसदी तक कमीशनखोरी चल रही है।" उन्होंने कहा कि बीजेपी नेताओं के पास न कोई विज़न है और न ही कोई काम—सिर्फ खोखले भाषण और प्रचार पर ही पूरी राजनीति टिकाई हुई है। इस दौरान अखिलेश ने सिख समाज की वीरता और मेहनत का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सिखों ने अपनी मेहनत और बलिदान से जो पहचान बनाई है, उसकी गूंज इतिहास में हमेशा रहेगी। कुल मिलाकर, अखिलेश यादव ने बीजेपी पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि अगर हालात नहीं सुधरे, तो भारत की सड़कों पर भी नेपाल जैसा दृश्य देखने को मिल सकता है।
















































































Leave Your Message