I.N.D.I.A गठबंधन हो गई कमज़ोर ? सीट शेयरिंग पर कोई नहीं है ज़ोर !
चंडीगढ़: I.N.D.I.A गठबंधन में सीट शेयरिंग को लेकर मंथन जारी है। लेकिन अभी तक सीट शेयरिंग को लेकर बात नहीं बन पाई है। कांग्रेस और आम आदमी की बात करें तो एक तरफ चंडीगढ़ में दोनों ने मेयर चुनाव गठबंधन में लड़ने का फैसला किया है। वहीं पंजाब और हरियाणा में लोकसभा चुनावों के लिए सीट शेयरिंग को लेकर अभी तक हल नहीं निकल पाया है। इसी बीच आम आदमी पार्टी ने हरियाणा में 10 में से 3 लोकसभा सीटों की मांग की है। आम आदमी पार्टी की इस मांग ने कांग्रेस की टेंशन बढ़ाई हैं। अब हरियाणा में कांग्रेस-आप एक साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी या नहीं इस पर सस्पेंस बरकरार है।
सूत्रों की मानें तो आम आदमी पार्टी ने अंबाला, कुरुक्षेत्र और सिरसा सीटों पर चुनाव लड़ने की मांग की। इनमें अंबाला और सिरसा सीट अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित हैं। आप ने कहा है कि वह तीन सीटों पर चुनाव लड़ना चाहेगी क्योंकि ये लोकसभा सीटे पंजाब की सीमा से लगती हैं। 2022 में पंजाब में हुए विधानसभा चुनावों में आप ने जीत हासिल की थी। आप को उम्मीद है कि अगर उसे ये तीनों सीटे मिलती हैं तो वो इन पर जीत हासिल करेगी। वर्तमान में हरियाणा की सभी 10 लोकसभा सीटों पर बीजेपी का कब्जा है। कांग्रेस के दावे को और कमजोर करने वाली बात यह है कि 2014 में भी उसने रोहतक की सिर्फ एक सीट जीती थी, जबकि बीजेपी ने सात और इनेलो ने दो सीटें जीती थीं। आप की इस मांग ने अब कांग्रेस की राज्य इकाई को बड़ा धक्का पहुंचा है।
पूर्व मुख्यमंत्री और जाट नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा ने राज्य के सभी विधानसभा क्षेत्रों में प्रचार शुरू कर दिया है। हुड्डा और कांग्रेस की हरियाणा इकाई के अध्यक्ष उदय भान भी सक्रिय रूप से आप नेताओं को खेमे बदलने के लिए लुभा रहे हैं। हाल ही में आप के राष्ट्रीय सह-संयोजक निर्मल सिंह और उनकी बेटी चित्रा सरवारा ने कांग्रेस का दामन थाम लिया था। वो आप की हरियाणा प्रदेश उपाध्यक्ष थी। जानकारों की मानें तो हुड्डा अगले एक महीने में और अधिक नेताओं को पार्टी में शामिल करवा सकते हैं।
















































































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