2025 चुनाव से पहले महागठबंधन में दरार! तेजस्वी और राहुल आमने-सामने!
"बिहार की राजनीति में दो बड़े चेहरे – एक तरफ तेजस्वी यादव, जो खुद को नीतीश कुमार के विकल्प के तौर पर पेश कर रहे हैं, और दूसरी ओर राहुल गांधी, जो कांग्रेस को फिर से राज्य में स्थापित करने की कोशिश में लगे हैं।
अब सवाल ये उठता है – जब दोनों एक ही टीम में हैं यानी महागठबंधन का हिस्सा हैं, तो फिर खींचतान क्यों?"
"सूत्रों की मानें तो कांग्रेस बिहार में ज्यादा सीटों की मांग कर रही है, वहीं आरजेडी कह रही है – 'जो जमीन पर ताकतवर है, वही नेतृत्व करेगा!'
तेजस्वी की नजर मुख्यमंत्री पद पर है, जबकि कांग्रेस चाहती है कि सीट बंटवारे में बराबरी हो।
मतलब साफ है – कुर्सी की लड़ाई अब परदे के पीछे से परदे पर आ चुकी है!"
"2020 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने उम्मीद से खराब प्रदर्शन किया था – 70 सीटों पर लड़ी लेकिन जीत सिर्फ 19 पर मिली।
वहीं आरजेडी बनी थी सबसे बड़ी पार्टी।
अब तेजस्वी कह रहे हैं – 'जनता ने हमें चुना, कांग्रेस को नहीं!'
तो क्या राहुल गांधी मानेंगे ये बात? या फिर होगा सीटों को लेकर बड़ा टकराव?"
"राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि अगर दोनों दलों के बीच सहमति नहीं बनी, तो बीजेपी को मिलेगा सीधा फायदा।
और यही डर विपक्ष के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द बन चुका है!"
"तो बिहार में विपक्ष की एकता टूटेगी या और मजबूत होगी?
तेजस्वी-राहुल की जोड़ी 2025 में कमाल करेगी या बंटवारे की भेंट चढ़ जाएगी?
इस मुद्दे पर आपकी राय क्या है? क्या तेजस्वी को मिलनी चाहिए लीडरशिप या कांग्रेस को बराबरी का हक?
नीचे कमेंट में जरूर बताएं।
















































































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