दशहरा से दिवाली के बीच बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान, दो से तीन चरणों में हो सकता है मतदान।
बिहार में इस साल के अंत तक विधानसभा चुनाव होने हैं, जिसके चलते राजनीतिक गतिविधियां काफी तेज हो गई हैं। विभिन्न राजनीतिक दल अपनी-अपनी रणनीतियां अंतिम रूप दे रहे हैं और जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, चुनाव आयोग भी चुनाव प्रक्रिया को सुचारू और निष्पक्ष बनाने के लिए सक्रिय हो गया है। आयोग जल्द ही बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर सकता है। सूत्रों के मुताबिक, निर्वाचन आयोग बिहार के साथ-साथ अन्य राज्यों में भी मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) शुरू कर सकता है, जिससे मतदाता सूची को पूरी तरह से अपडेट और शुद्ध किया जाएगा। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अगुआई में चुनाव आयोग की एक टीम बिहार का दौरा करेगी, ताकि चुनाव की तैयारियों का जायजा लिया जा सके और प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके।बिहार विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 21 नवंबर को समाप्त हो रहा है, इसलिए चुनाव इसी तारीख से पहले कराए जाएंगे। अटकलें हैं कि दशहरा (2 अक्टूबर) और दिवाली (19 अक्टूबर) के बीच चुनाव कार्यक्रम का ऐलान हो सकता है, जो बिहार के प्रमुख त्योहार छठ पूजा के दौरान भी पड़ सकता है। चुनाव आयोग और राज्य प्रशासन को इस बात का ध्यान रखना होगा कि त्योहारों के दौरान चुनाव प्रक्रिया में कोई व्यवधान न आए और सभी शांतिपूर्ण तरीके से मतदान कर सकें।
चुनाव आयोग ने योजना बनाई है कि 30 सितंबर को फाइनल वोटर लिस्ट जारी की जाएगी, जिसके बाद चुनाव की तारीखों का आधिकारिक ऐलान होगा। पिछले चुनाव की तरह, इस बार भी चुनाव दो या तीन चरणों में कराए जा सकते हैं, ताकि मतदान प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित हो। कुल मिलाकर, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और आने वाले दिनों में चुनाव आयोग से तारीखों के ऐलान के बाद बिहार की राजनीति में एक नई हलचल देखने को मिलेगी। यह चुनाव न केवल राज्य की राजनीतिक दिशा तय करेगा, बल्कि देश के राजनीतिक परिदृश्य पर भी इसका असर होगा।
















































































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