"धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का गरबा पर बड़ा बयान – गरबा स्थलों पर गोमूत्र से किया जाए शुद्धिकरण, गैर-हिंदू की एंट्री पर लगे रोक।
छतरपुर जिले के बागेश्वर धाम के महंत धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने नवरात्रि के दौरान गरबा उत्सव को लेकर एक बड़ा और विवादास्पद बयान दिया है, जिसमें उन्होंने कहा कि गरबा जैसे पवित्र धार्मिक आयोजनों में गैर-हिंदुओं को शामिल नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि जैसे सनातनी हिंदू लोग मुस्लिम समुदाय के धार्मिक आयोजनों जैसे हज यात्रा में हिस्सा नहीं लेते, वैसे ही मुस्लिम समुदाय के लोगों को भी हिंदू धार्मिक उत्सवों में भाग नहीं लेना चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि गरबा कार्यक्रमों के स्थल के मुख्य द्वार पर गोमूत्र छिड़कना चाहिए ताकि वहां की पवित्रता और धार्मिक भावना बनी रहे। यह बयान उन्होंने उस समय दिया जब वे छतरपुर जिले के लवकुशनगर कस्बे में स्थित प्रसिद्ध बंबरबेनी माता मंदिर के दर्शन के लिए पहुंचे थे। मंदिर पहुंचने से पहले रास्ते में हजारों की संख्या में भक्तों ने फूलों की वर्षा की और आरती उतारकर उनका जोरदार स्वागत किया। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक अरविंद पटेरिया भी मौजूद थे, जिन्होंने माँ बंबरबेनी के दर्शन को अपने जीवन का सौभाग्य बताया और वादा किया कि जल्द ही मंदिर तक जाने के लिए एक पक्की सड़क का निर्माण कराया जाएगा ताकि भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। भक्तों का यह भी कहना था कि माँ बंबरबेनी का स्वरूप देखकर ऐसा महसूस होता है जैसे माँ वैष्णो देवी के दर्शन हो रहे हों। धीरेंद्र शास्त्री ने माँ बंबरबेनी से पूरे लवकुशनगर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति के लिए प्रार्थना की और बताया कि आने वाले दिनों में इस स्थान पर एक विशाल धार्मिक कथा का आयोजन भी किया जाएगा, जिससे क्षेत्र के लोगों को आध्यात्मिक लाभ मिलेगा और धार्मिक वातावरण और भी मजबूत होगा।
















































































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