मोदी की जीत, 450 सीटें पार, प्रभु राम का हो गया चमत्कार।
अयोध्या में भगवान राम जी की प्राण प्रतिष्ठा बेशक लोकसभा चुनाव में बीजेपी के लिए जीत का मंत्र साबित हो रही हो, पर ऐसे में यह कहना बिल्कुल भी गलत नहीं होगा कि प्रधानमंत्री मोदी के भावों को आप राजनीति के लिखित शब्दों में बयान नहीं कर सकते। भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष में मोदी ने गत 11 दिनों तक उपवास रखा जो कि अपने में एक विचारणीय है। उन्होंने प्राण प्रतिष्ठा के पहले उस उस स्थान पर गए जहां-जहां भगवान राम के चरण पड़े। 11 दिन के उपवास के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भी उन्हीं स्थानों पर जाकर दौरा किया।
स्वामी गोविंद देव गिरी जी ने राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के भाषण में प्रधानमंत्री मोदी के बारे में बताया की उन्होंने स्वयं भगवान की प्राण प्रतिष्ठा से पहले नियम और अनुष्ठान पूछे। हम आपको यह बताना चाहेंगे कि हमारे सनातन धर्म में जब भी कोई भक्ति प्राण प्रतिष्ठा करते हैं और किसी प्रभु के मूर्ति में प्राण को डाला जाता है// मंत्रों के दौरान जो भक्त प्राण प्रतिष्ठा करता है ,वह स्वयं भी उसे हवन में अपने प्राणों की आहुति देता है और ऐसे में वह पूर्ण रूप से प्रभु का हो जाता है। इस अटूट तपस्या के दौरान ही प्रभु प्रसन्न होते हैं । ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी ने भी अपने पूरे नियम अनुष्ठान एवं भावों को प्रभु को समर्पित करके प्रभु राम की प्राण प्रतिष्ठा का अनुष्ठान पूरा किया। संपूर्ण देश एवं विश्व के सामने अपनी प्रभु के प्रति आस्था एवं देश के प्रति संकल्प एवं दृढ़ता का संदेश पहुंचाया। ऐसे में यह कहना कोई अतिशयोक्ति नहीं होगा कि राम भगवान की प्राण प्रतिष्ठा के बाद ही मोदी की जीत का आगाज हो चुका है और लोकसभा का चुनाव का भी बिगुल बज गया है।
राजनीति में विपक्ष बेशक जितनी भी अपनी पूरी ताकत लगा ले भिन्न-भिन्न प्रकार के मुद्दे उठा ले परंतु इस बार भी प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी पूरी पकड़ मजबूत कर ली है! देश का 500 सालों का इंतजार खत्म हुआ और अप्रैल के अंदर लोकसभा के चुनाव का आगाज हुआ। अब देखना यह होगा कि प्रधानमंत्री मोदी की यह चाणक्य नीति कितनी सीटों को पार करके उनको बहुमत दिला पाएगी और पूर्ण रूप से जीत लाने में सहायक होगी यह तो लोकसभा के चुनाव की जीत पर ही निर्भर होगा।
















































































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