तेज प्रताप यादव की पार्टी का चुनाव चिह्न सामने आया, नाम रखा ‘जनशक्ति जनता दल’।
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के पूर्व नेता और लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने अब अपनी राजनीतिक राह अलग कर ली है। उन्होंने 'जनशक्ति जनता दल' नाम से एक नई पार्टी की घोषणा करते हुए बिहार की सियासत में नए सिरे से कदम रखा है। इस पार्टी के माध्यम से तेज प्रताप ने साफ कर दिया है कि अब वह न केवल अपने पिता और परिवार की राजनीतिक विरासत से अलग पहचान बनाना चाहते हैं, बल्कि बिहार की राजनीति में एक वैकल्पिक सोच और व्यवस्था को स्थापित करने का भी संकल्प ले चुके हैं। 'जनशक्ति जनता दल' का चुनाव चिह्न 'ब्लैक बोर्ड' रखा गया है, जो शिक्षा और जागरूकता का प्रतीक माना जा रहा है। तेज प्रताप ने पार्टी का पोस्टर अपने आधिकारिक X हैंडल पर साझा करते हुए स्पष्ट किया कि उनकी यह पार्टी बिहार के संपूर्ण सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए समर्पित है। उन्होंने लिखा कि वे राज्य में “नई व्यवस्था का नव निर्माण” करना चाहते हैं और इस बदलाव के लिए लंबी लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। इस घोषणा के साथ ही उन्होंने यह भी पुष्टि की कि वे आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में महुआ विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे — वह सीट जहां से उन्होंने 2015 में पहली बार विधायक बनकर जीत दर्ज की थी।
तेज प्रताप द्वारा जारी किए गए पार्टी पोस्टर में महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव अंबेडकर, राम मनोहर लोहिया, जय प्रकाश नारायण और कर्पूरी ठाकुर जैसी महान विभूतियों की तस्वीरें शामिल की गई हैं। ये सभी नेता सामाजिक न्याय, समानता और जनहित की राजनीति के प्रतीक माने जाते हैं। हालांकि, इस पोस्टर में उनके पिता लालू प्रसाद यादव की तस्वीर का न होना सबका ध्यान खींच रहा है। इससे यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि तेज प्रताप अब अपने पिता की राजनीतिक छाया से बाहर निकलकर पूरी तरह स्वतंत्र पहचान बनाना चाहते हैं। तेज प्रताप ने यह भी दावा किया है कि महुआ उनकी "कर्मभूमि" है और यदि कोई अन्य व्यक्ति इस सीट से चुनाव लड़ेगा, तो जनता उसे हराने में पीछे नहीं हटेगी। यह बयान उनके पुराने समर्थकों के बीच एक तरह की भावनात्मक अपील भी माना जा रहा है। उल्लेखनीय है कि तेज प्रताप और लालू प्रसाद यादव के बीच मतभेद तब खुलकर सामने आए जब मई 2025 में लालू यादव ने उन्हें न केवल पार्टी से निष्कासित कर दिया, बल्कि पारिवारिक रिश्ते भी तोड़ने का ऐलान किया। इससे पहले तेज प्रताप की निजी जिंदगी को लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई थी, जिसमें कहा गया था कि वह और अनुष्का 12 साल से रिलेशनशिप में हैं। इसी पोस्ट के बाद लालू परिवार में तनाव और विवाद और गहरा गया। तेज प्रताप की इस नई पार्टी की घोषणा न सिर्फ उनके राजनीतिक करियर के लिए एक नया मोड़ है, बल्कि यह बिहार की राजनीति में संभावित हलचल का भी संकेत है। अब देखना यह होगा कि तेज प्रताप यादव अपने बलबूते बिहार की जनता का विश्वास जीत पाते हैं या नहीं।
















































































Leave Your Message