लद्दाख: सोनम वांगचुक की हिरासत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची पत्नी, रिहाई की मांग!
लद्दाख के प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरण वैज्ञानिक सोनम वांगचुक की हिरासत के खिलाफ उनकी पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने बंदी प्रत्यक्षीकरण (हेबियस कॉर्पस) याचिका दायर करते हुए सोनम की तत्काल रिहाई की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि सोनम शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे थे, उन पर लगाए गए आरोप मनगढ़ंत और राजनीतिक प्रेरित हैं।
गीतांजलि ने दावा किया है कि प्रशासन ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत हिरासत में लिए जाने का हवाला दिया है, लेकिन अब तक संबंधित डिटेंशन ऑर्डर की प्रति नहीं दी गई है। इससे यह हिरासत पूरी तरह से गैरकानूनी और असंवैधानिक है।
सोनम वांगचुक, जिन्हें मैग्सेसे पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है, लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और संविधान की छठी अनुसूची के तहत विशेष दर्जा देने की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं। छठी अनुसूची के तहत लद्दाख को स्थानीय संसाधनों पर अधिकार, सांस्कृतिक संरक्षण और स्वायत्त परिषद जैसी संवैधानिक गारंटी मिल सकती है।
पिछले कुछ महीनों में यह आंदोलन तेज हुआ है और भूख हड़ताल व शांतिपूर्ण प्रदर्शनों का सिलसिला चला। हालांकि हाल ही में इस आंदोलन के दौरान हालात बिगड़े और पुलिस फायरिंग में चार लोगों की मौत हो गई। इसके बाद 26 सितंबर को सोनम को हिरासत में ले लिया गया। प्रशासन ने उन पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से संपर्क रखने, विदेशों से अवैध चंदा लेने और विदेशी शक्तियों के लिए काम करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
गीतांजलि आंग्मो ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा है कि सोनम के खिलाफ एक सुनियोजित साजिश रची जा रही है, जिससे लद्दाख के लोगों की छठी अनुसूची की मांग को कमजोर किया जा सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सोनम का पाकिस्तान दौरा एक अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण सम्मेलन के लिए हुआ था और उसका किसी भी संदिग्ध व्यक्ति से कोई संबंध नहीं है।
उनकी संस्था, *हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव लद्दाख (HIAL), शिक्षा और सतत विकास के क्षेत्र में कार्य करती है और उस पर विदेशी फंडिंग को लेकर लगाए गए आरोप भी निराधार हैं।
अब सुप्रीम कोर्ट इस मामले में क्या रुख अपनाता है, इस पर पूरे देश और खासकर लद्दाख की नजरें टिकी हुई हैं।
















































































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