AAP ने राज्यसभा उपचुनाव के लिए उद्योगपति राजिंदर गुप्ता को बनाया उम्मीदवार, पंजाब में पकड़ मजबूत करने की रणनीति
आम आदमी पार्टी (AAP) ने आगामी पंजाब राज्यसभा उपचुनाव के लिए एक बड़ा और रणनीतिक कदम उठाते हुए मशहूर उद्योगपति राजिंदर गुप्ता को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। यह उपचुनाव 24 अक्टूबर को होना है, और गुप्ता 6 अक्टूबर को चंडीगढ़ स्थित पंजाब विधानसभा में नामांकन दाखिल कर सकते हैं। माना जा रहा है कि पार्टी ने यह फैसला पंजाब में अपनी राजनीतिक और सामाजिक पकड़ को और मजबूत करने की दृष्टि से लिया है।
राजिंदर गुप्ता ट्राइडेंट ग्रुप के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) हैं। वे पंजाब इकोनॉमिक पॉलिसी एंड प्लानिंग बोर्ड के उपाध्यक्ष के रूप में राज्य सरकार में भी सेवाएं दे चुके हैं, लेकिन राज्यसभा के लिए नामांकन से पहले उन्होंने इस पद से इस्तीफा दे दिया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, गुप्ता हार्वर्ड विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र हैं और उन्होंने ट्राइडेंट के माध्यम से देश-विदेश में लाखों लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया है।
AAP का कहना है कि राजिंदर गुप्ता को राज्य और देश के औद्योगिक विकास में उनके योगदान को सम्मान देने के उद्देश्य से राज्यसभा भेजा जा रहा है। उनकी छवि एक सफल, सम्मानित और समाजसेवी उद्योगपति की रही है। पार्टी को उम्मीद है कि गुप्ता का अनुभव और दृष्टिकोण संसद में पंजाब की आवाज को मजबूती से उठाएगा।
यह सीट संजीव अरोड़ा के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। अरोड़ा हाल ही में लुधियाना वेस्ट विधानसभा उपचुनाव में 10,637 मतों के अंतर से विजयी हुए और अब पंजाब सरकार में उद्योग मंत्री के रूप में कार्यरत हैं। इस उपचुनाव के पहले ऐसी अटकलें थीं कि शायद AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल को राज्यसभा भेजा जा सकता है, लेकिन पार्टी ने स्पष्ट किया कि यह सीट किसी स्थानीय पंजाबी चेहरे को ही दी जाएगी।
नामांकन प्रक्रिया में मुख्यमंत्री भगवंत मान की उपस्थिति भी इस फैसले की गंभीरता को दर्शाती है। वहीं, कमल ओसवाल जैसे अन्य उद्योगपतियों के नाम पर भी विचार हुआ था, लेकिन अंततः गुप्ता को प्राथमिकता दी गई।
इस फैसले को AAP की उस नीति का हिस्सा माना जा रहा है जिसमें वह राजनीति में योग्य और पेशेवर चेहरों को लाकर एक नई राजनीतिक संस्कृति विकसित करना चाहती है। राजिंदर गुप्ता के राज्यसभा में चुने जाने की स्थिति में न केवल पंजाब की औद्योगिक छवि को बल मिलेगा, बल्कि AAP की स्वीकार्यता भी और बढ़ेगी।
















































































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