अरविंद केजरीवाल को मिला सरकारी बंगला, अब रहेंगे 95 लोधी एस्टेट में!
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को आखिरकार सरकारी बंगला मिल गया है। केंद्र सरकार ने उन्हें दिल्ली के सिविल लाइंस इलाके में स्थित एक टाइप-8 बंगला अलॉट किया है। यह आवास अब उनका आधिकारिक पता होगा: 95, लोधी एस्टेट।
AAP एक राष्ट्रीय पार्टी है और इसके प्रमुख होने के नाते अरविंद केजरीवाल को सरकारी आवास का हक़ है। हालांकि, यह बंगला उन्हें तुरंत नहीं मिला। इसके लिए उन्हें लगभग एक साल लंबा इंतज़ार और कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी।
बंगला आवंटन में देरी के चलते अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया था। उन्होंने शिकायत की थी कि बतौर राष्ट्रीय पार्टी प्रमुख, उन्हें जल्द से जल्द सरकारी बंगला मिलना चाहिए। इसके जवाब में केंद्र सरकार ने 25 सितंबर 2025 को कोर्ट में कहा था कि 10 दिन के भीतर उन्हें बंगला आवंटित कर दिया जाएगा।
सरकार ने अपने वादे के मुताबिक, 6 अक्टूबर 2025 को 95, लोधी एस्टेट स्थित टाइप-8 बंगला अरविंद केजरीवाल के नाम कर दिया। यह टाइप-8 बंगला सरकारी आवास श्रेणी में दूसरा सबसे बड़ा बंगला माना जाता है, जिसमें सुविधाएं और सुरक्षा के तमाम प्रावधान होते हैं।
गौरतलब है कि सितंबर 2024 में केजरीवाल ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद उन्होंने 6, फ्लैगस्टाफ रोड वाला सीएम आवास भी छोड़ दिया था, जिसमें वे अपने पूरे कार्यकाल के दौरान रहे। तब से वे आप सांसद अशोक मित्तल को आवंटित एक अन्य सरकारी बंगले में अस्थायी रूप से रह रहे थे।
दरअसल, 2014 की डाइरेक्टोरेट ऑफ एस्टेट्स गाइडलाइन्स के अनुसार, किसी भी राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्ष या संयोजक को सरकारी आवास देने का प्रावधान है। हालांकि, उस गाइडलाइन में यह स्पष्ट नहीं है कि कौन सा टाइप-का बंगला दिया जाना चाहिए।
केजरीवाल की ओर से कोर्ट में पेश हुए वकील ने दलील दी थी कि इतिहास में जब भी किसी राष्ट्रीय पार्टी के प्रमुख को आवास मिला है, वह अधिकतर मामलों में टाइप-8 बंगला ही रहा है। कोर्ट ने यह दलील स्वीकार की और केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह जल्द से जल्द बंगला आवंटित करे।
अब अरविंद केजरीवाल को स्थायी सरकारी आवास मिल जाने के बाद यह मामला शांत हो गया है और AAP इसे अपनी एक बड़ी प्रशासनिक जीत के तौर पर देख रही है।
















































































Leave Your Message