महाराष्ट्र में भारी बारिश और बाढ़ से तबाही, 68 लाख हेक्टेयर फसल बर्बाद, किसानों को मुआवजे की आस!
सितंबर 2025 में महाराष्ट्र में हुई भीषण बारिश और बाढ़ ने लाखों किसानों की सालों की मेहनत को मिट्टी में मिला दिया। खेतों में खड़ी फसलें पूरी तरह पानी में डूब गईं। अब जो सरकारी आंकड़े सामने आए हैं, वो स्थिति की गंभीरता को और गहराते हैं।
राज्य के राहत और पुनर्वास विभाग के अनुसार, कुल मिलाकर 68.69 लाख हेक्टेयर में फसल बर्बाद हो चुकी है। सबसे ज्यादा नुकसान मराठवाड़ा, विदर्भ और पश्चिम महाराष्ट्र के जिलों में हुआ है। जिन जिलों में सबसे अधिक तबाही हुई, उनमें बीड, नांदेड, यवतमाल, लातूर, सोलापुर, जलना, नासिक, वाशीम, और बुलढाणा प्रमुख हैं। कुछ जिलों में 3 से 7 लाख हेक्टेयर तक की फसल तबाह हो चुकी है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजीत पवार ने इस मुद्दे पर आपात बैठक कर स्थिति की समीक्षा की है। राज्य सरकार अब केंद्र सरकार को आर्थिक सहायता के लिए प्रस्ताव भेजने की तैयारी में है।
किसानों की मांग है कि प्रति हेक्टेयर ₹50,000 मुआवजा दिया जाए और पहले से किए गए कर्जमाफी वादों को पूरा किया जाए। धरणशिव के सांसद ओमरज निंबालकर ने भी सरकार से अपील की है कि वे पीड़ित किसानों को तत्काल सहायता और ऋण राहत प्रदान करें।
बाढ़ से सिर्फ फसल ही नहीं, बल्कि सिंचाई उपकरण जैसे इलेक्ट्रिक पंप, पाइपलाइन और अन्य जरूरी संसाधन भी बह गए हैं। कई किसान अब दोबारा खेती शुरू करने में असमर्थ हैं। ऐसे में सरकार ने भरोसा दिलाया है कि किसानों को फिर से खेती शुरू करने के लिए विशेष सहायता योजना तैयार की जा रही है।
सरकार द्वारा विकसित एग्रीस्टैक प्रणाली के तहत पंजीकृत किसानों का e-KYC तेजी से पूरा किया जा रहा है। अब तक 1.72 करोड़ में से 1.17 करोड़ किसान पंजीकृत हो चुके हैं, जिससे यह तय किया जा सकेगा कि किसे और कितनी सहायता की जरूरत है।
राज्य सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह प्रभावित किसानों को हर संभव राहत और पुनर्वास सुविधा उपलब्ध कराएगी। वहीं केंद्र से मिलने वाली सहायता को लेकर प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
यह संकट न सिर्फ खेतों में, बल्कि किसानों के दिलों में भी गहराई तक असर छोड़ गया है। अब पूरा राज्य देख रहा है कि सरकार कैसे उन्हें इस मुश्किल दौर से बाहर निकालती है।
















































































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