हिमाचल में सियासी घमासान: जयराम ठाकुर का सुक्खू सरकार पर तीखा हमला — “अब हिसाब देने का वक़्त आ गया है!”
हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार के तीन साल पूरे होने जा रहे हैं, और इसके जश्न के बीच प्रदेश की राजनीति में जोरदार सियासी हलचल देखने को मिल रही है। जहां सरकार अपनी उपलब्धियों को गिनाने की तैयारी में है, वहीं विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सरकार को सीधे-सीधे घेरने और जवाब मांगने का मोर्चा खोल दिया है।
"अब जश्न नहीं, जवाब चाहिए" — जयराम ठाकुर
शिमला में मीडिया से बातचीत करते हुए जयराम ठाकुर ने तीखे लहजे में सवाल दागते हुए कहा:
"अब वक़्त आ गया है सुक्खू सरकार से हिसाब लेने का। जश्न मनाने के बजाय जनता को बताएं कि तीन सालों में कितने वादे पूरे हुए?"
उन्होंने कांग्रेस सरकार की गारंटी योजनाओं पर भी सवाल खड़े किए और आंकड़ों की जगह जमीनी सच्चाई दिखाने की मांग की।
जयराम ठाकुर के प्रमुख सवाल:
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ठूंजा साल की नौकरी: कितने युवाओं को पक्की सरकारी नौकरी मिली?
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राजीव गांधी स्टार्टअप योजना: कितने स्टार्टअप्स को मिला लाभ?
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महिला सम्मान निधि: कितनी महिलाओं को योजना का लाभ मिला?
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दूध 100 रु./किलो: कितने किसानों से इस रेट पर दूध खरीदा गया?
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सेब के दाम: जब दाम तय करने की गारंटी थी, तो 27 साल में सबसे कम रेट क्यों?
स्वास्थ्य सेवाएं और राहत योजनाएं भी निशाने पर
जयराम ठाकुर ने हिम केयर योजना को लेकर भी सवाल उठाए:
"हिम केयर के तहत इलाज क्यों नहीं मिल रहा? सरकार पैसा क्यों नहीं जमा कर रही?"
उन्होंने कहा कि आपदा राहत, पेंशनरों के बकाए, और मेडिकल बिल भुगतान तक में सरकार विफल रही है।
"संविधान बचाओ यात्रा, मगर हिमाचल में लोकतंत्र कुचलना?"
भाजपा नेता ने कांग्रेस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा:
"पूरे देश में कांग्रेस संविधान बचाओ यात्रा निकाल रही है, मगर हिमाचल में नगर निगम और पंचायत चुनाव टालकर लोगों के संवैधानिक अधिकार छीने जा रहे हैं।"
"यह सरकार व्यवस्था परिवर्तन की नहीं, मित्रों की सरकार है"
जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर भ्रातृवाद और अफसरशाही पर निर्भरता के भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा:
"पूरी सरकार कार्यवाहक ब्यूरोक्रेसी के भरोसे चल रही है, जनता त्रस्त है, और सरकार मित्रों के इशारों पर नाच रही है।"
अपनी सरकार का रिपोर्ट कार्ड भी गिनाया
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार ने बिना किसी “गारंटी” के जनहित की योजनाएं लागू कीं, जैसे:
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गृहिणी सुविधा योजना
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125 यूनिट मुफ्त बिजली
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महिलाओं को बसों में आधा किराया
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ग्रामीण क्षेत्रों में मुफ्त पानी
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हिम केयर, सहारा योजना, शगुन योजना
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60+ महिलाओं को बिना आय सीमा पेंशन
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बेटी है अनमोल योजना, स्वावलंबन योजना
निष्कर्ष:
जयराम ठाकुर का यह बयान केवल राजनीतिक हमला नहीं, बल्कि 2027 के चुनावी बिगुल की आहट माना जा रहा है।
जहां सुक्खू सरकार अपनी तीन साल की उपलब्धियों पर जोर दे रही है, वहीं भाजपा ने तय कर लिया है कि वादों और हकीकत के फर्क को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा करेगी।
अब देखना यह होगा कि सुक्खू सरकार इस पर क्या जवाब देती है — गणना या गिनती का पलड़ा किस तरफ भारी पड़ता है।
















































































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