बिहार चुनाव 2025: बीजेपी उतारेगी 'यूपी मॉडल', योगी आदित्यनाथ की 25 रैलियों से चुनावी रण होगा गरम!
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारी जोरों पर है और इस बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। बीजेपी अपने प्रचार अभियान को धार देने के लिए उत्तर प्रदेश मॉडल को दोहराने जा रही है और इसके तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रचार अभियान की अगुवाई करने की बड़ी जिम्मेदारी दी गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद योगी आदित्यनाथ बीजेपी के सबसे बड़े स्टार प्रचारक होंगे, जिनकी रैलियों को लेकर न केवल बिहार में उत्सुकता है, बल्कि राजनीतिक तापमान भी तेजी से बढ़ रहा है।
योगी आदित्यनाथ की एंट्री से बनेगा चुनावी माहौल
सूत्रों के मुताबिक, योगी आदित्यनाथ बिहार में 20 से 25 रैलियां करेंगे और इन रैलियों के जरिए करीब 100 से 150 विधानसभा सीटों को प्रभावित करने का लक्ष्य है। खास बात यह है कि उनकी मांग बिहार के लगभग हर क्षेत्र में है, जिससे साफ है कि पार्टी उनकी लोकप्रियता को किस स्तर पर भुनाना चाहती है।
योगी सीमांचल, मिथिलांचल, गोपालगंज, सारण, सीवान और वाल्मीकि नगर जैसे इलाकों में विशेष जोर देंगे। मुस्लिम बहुल सीमांचल क्षेत्र में उनकी फायरब्रांड हिंदुत्व छवि से ध्रुवीकरण की रणनीति पर काम होगा।
‘यूपी मॉडल’ की रणनीति: जातिगत संतुलन + बूथ मैनेजमेंट
BJP जिस “यूपी मॉडल” की बात कर रही है, वह 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव की रणनीति पर आधारित है, जहां पार्टी ने रिकॉर्ड जीत दर्ज की थी। इस मॉडल की नींव रखी गई थी:
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गैर-यादव पिछड़ी जातियों को साधने
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अति पिछड़ों और अपर कास्ट को जोड़े रखने
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मजबूत बूथ प्रबंधन
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और कड़क कानून-व्यवस्था की छवि पेश करने पर।
इस रणनीति को बिहार में भी दोहराया जा रहा है। केशव प्रसाद मौर्य, जो खुद एक प्रभावशाली पिछड़ा वर्ग के चेहरे हैं, बिहार चुनाव के सह-प्रभारी बनाए गए हैं। उनका मुख्य उद्देश्य है कुशवाहा, निषाद, पासवान जैसे गैर-यादव पिछड़ों में पार्टी की पकड़ मजबूत करना।
सुपरस्टार प्रचारकों की फौज भी तैयार
बीजेपी केवल योगी पर ही नहीं, बल्कि स्टार पावर और सामाजिक संतुलन दोनों पर दांव लगा रही है:
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भोजपुरी स्टार और सांसद: रवि किशन, मनोज तिवारी, दिनेश लाल निरहुआ
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मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव: यादव वोट बैंक को साधने के लिए
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रेखा गुप्ता: महिला और बनिया वोटर्स को टारगेट
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दिल्ली से कपिल मिश्रा, अन्य विधायक और मंत्री भी मोर्चा संभालेंगे
BJP की रणनीति साफ: जाति + धर्म + ब्रांड योगी
बीजेपी की इस रणनीति में तीन अहम तत्व नजर आते हैं:
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जातिगत संतुलन – गैर-यादव पिछड़ों, महिलाओं, और सवर्णों को जोड़ना
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धर्म और ध्रुवीकरण – योगी की हिंदुत्व छवि का पूरा लाभ
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ब्रांड योगी + मोदी – कानून-व्यवस्था और मजबूत नेतृत्व का संदेश
निष्कर्ष:
बिहार चुनाव में बीजेपी अब महज मोदी लहर के भरोसे नहीं है। योगी आदित्यनाथ की एंट्री से पार्टी ने यह साफ कर दिया है कि वह हर सीट पर माइक्रो लेवल की लड़ाई लड़ने को तैयार है। आने वाले हफ्तों में जैसे-जैसे रैलियां शुरू होंगी, बिहार की सियासी फिजा और गरमाने वाली है।
















































































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