जैसलमेर बस हादसा: 57 सवारियों से भरी बस में लगी भीषण आग, कई यात्री झुलसे, जिला प्रशासन अलर्ट पर।
राजस्थान के जैसलमेर जिले में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ, जब जैसलमेर से जोधपुर जा रही एक निजी बस में भीषण आग लग गई। बस में उस समय करीब 57 यात्री सवार थे। हादसे में कई यात्री झुलस गए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कैसे हुआ हादसा?
यह हादसा थईयात गांव के पास उस समय हुआ जब बस सड़क पर दौड़ रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक बस के पिछले हिस्से से धुआं उठने लगा और कुछ ही पलों में आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई, कुछ लोग कूदकर अपनी जान बचाने में कामयाब रहे, वहीं कई लोग आग की चपेट में आ गए।
राहत व बचाव कार्य जारी
हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन की टीम, फायर ब्रिगेड और पुलिस मौके पर पहुंच गई। राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाया जा रहा है। जिला कलेक्टर प्रताप सिंह ने हादसे पर दुख जताते हुए बताया कि घायलों का इलाज जवाहिर चिकित्सालय में किया जा रहा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
हेल्पलाइन नंबर जारी
घटना के बाद प्रशासन ने आम जनता से किसी भी तरह की जानकारी या सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं:
9414801400
8003101400
02992-252201
02992-255055
जिला प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है, और जरूरत के सभी कदम उठाए जा रहे हैं।
प्रशासन का बयान
प्रशासन की ओर से जारी बयान में कहा गया:
"जैसलमेर से जोधपुर जा रही एक निजी बस में आग लगने की दुखद घटना घटी है। हमारी टीमें मौके पर मौजूद हैं और राहत कार्यों को युद्धस्तर पर अंजाम दिया जा रहा है।"
शुरुआती जांच के संकेत
हालांकि आग लगने की मुख्य वजह अभी सामने नहीं आई है, लेकिन प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट या इंजन में तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है जो मौके पर जांच करेगी।
दिल दहला देने वाला मंजर
हादसे से जुड़े वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं, जिनमें जलती हुई बस और अफरातफरी का दृश्य देखा जा सकता है। इस हादसे ने यात्रियों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी झकझोर कर रख दिया है।
निष्कर्ष
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यात्री बसों के मेंटेनेंस पर सवाल खड़े करता है। त्योहारों के मौसम में यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है, ऐसे में प्रशासन और परिवहन विभाग को और सतर्क रहने की जरूरत है। फिलहाल सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं कि झुलसे यात्रियों की हालत कैसी है और आग लगने के पीछे असली कारण क्या था।
















































































Leave Your Message