किसान आंदोलन पर बोले राकेश टिकैत, बनाना चाहिए एमएसपी कानून नहीं तोह होगा नुकसान।  

हजारों किसानों ने 13 फरवरी को दिल्ली की ओर मार्च शुरू किया था। इन किसानों को हरियाणा सीमा पर ही रोक दिया गया था जहां उनकी सुरक्षाकर्मियों से झड़प हुई थी। किसान तब से हरियाणा के साथ लगती पंजाब की सीमा पर शंभू और खनौरी बॉर्डर पर डेरा डाले हुए हैं। भारतीय किसान यूनियन यानी भाकियू के नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि  एमएसपी पर कानून बनना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि सरकार बात नहीं मान रही है। टिकैत ने कहा कि एमएसपी पर अगर कानून नही  बनेगा तो पूरे देश को नुकसान होगा। आज पूरे देश भर में प्रर्दशन रहेगा।  दिल्ली कूच को लेकर पूछे गए सवाल पर राकेश टिकैत ने कहा कि दिल्ली कूच को लेकर हमलोग प्लानिंग बना रहे है। बता दें पंजाब और हरियाणा के बीच दो सीमा बिंदुओं पर प्रदर्शन कर रहे किसान बुधवार को अपना 'दिल्ली चलो' मार्च फिर से शुरू करेंगे। सरकारी एजेंसियों द्वारा पांच साल तक दालें मक्का और कपास न्यूनतम समर्थन मूल्य एमएसपी  पर खरीदने के केंद्र के प्रस्ताव को खारिज करने के बाद वे अपना आंदोलन फिर से शुरू कर रहे हैं। 

संयुक्त किसान मोर्चा गैर-राजनीतिक और किसान मजदूर मोर्चा फसलों के लिए एमएसपी पर कानूनी गारंटी और कृषि कर्ज माफी समेत अपनी मांगों को लेकर भारतीय जनता पार्टी नीत केंद्र सरकार पर दबाव बनाने के लिए ‘दिल्ली चलो’ मार्च का नेतृत्व कर रहे हैं। रविवार को किसान नेताओं के साथ चौथे दौर की बातचीत में तीन केंद्रीय मंत्रियों की समिति ने प्रस्ताव दिया था कि किसानों के साथ समझौता करने के बाद सरकारी एजेंसियां पांच साल तक पांच फसलें  मूंग दाल, उड़द दाल, तुअर दाल, मक्का और कपास एमएसपी पर खरीदेंगी। प्रदर्शन कर रहे किसान नेताओं ने इस पेशकश को औपचारिक रूप से ठुकरा दिया है। संयुक्त किसान मोर्चा गैर-राजनीतिक  के नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने मंगलवार को कहा कि यह किसानों के हित में नहीं है। 

   

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