चीन के सामने आई बड़ी चुनौतियां, अर्थव्यवस्था से लेकर रियल एस्टेट तक का संकट हुआ तेज।
दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन के सामने इन दिनों आर्थिक चुनौतियां तेज हो गई हैं। चीन की अर्थव्यवस्था को शेयर बाजार से लेकर रियल एस्टेट तक विभिन्न मोर्चों पर एक साथ परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इन आर्थिक चुनौतियों को अब चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी ने भी स्वीकार कर ली है। पिछले साल चीन की अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 5.2 फीसदी रही। यह दशकों में चीन की सबसे कम जीडीपी ग्रोथ रेट है। जीडीपी ग्रोथ रेट में यह गिरावट ऐसे समय आई है, जब चीन में प्रॉपर्टी यानी रियल एस्टेट का संकट तेज हो गया है। चीन की सबसे बड़ी रियल एस्टेट कंपनियों में शामिल एवरग्रांडे पिछले साल दिवालिया हो गई। एक रिपोर्ट के अनुसार, चाइनीज पीपुल्स पॉलिटिकल कंसल्टेटिव कॉन्फ्रेंस के प्रवक्ता लिउ जिलेयी ने एक संवाददाता सम्मेलन में आर्थिक चुनौतियों पर बात की। चीन में एकल पार्टी सिस्टम है और चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी यानी सीसीपी ही दशकों से चीन में शासन कर रही है। चाइनीज पीपुल्स पॉलिटिकल कंसल्टेटिव कॉन्फ्रेंस चीन की पॉलिटिकल एडवाइजरी बॉडी है।
















































































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