केरल में में तेजी से फैल रही है ये बीमारी, 1 दिन में लगभग 190 से ज्यादा मामले आए सामने। 

केरल में मम्प्स के मामलों में अचानक से बढ़ोतरी देखा जा रही है। स्थिति ऐसी है कि 1 दिन में लगभग 190 ज्यादा मामले सामने आए हैं और 1 महीने में  2505 मामले आए हैं। दरअसल, ये बीमारी  एक वायरल इंफेक्शन है जो कि तेजी से बढ़ती जा रही है। ज्यादातर मामले मलप्पुरम जिले और उत्तरी केरल के अन्य हिस्सों से सामने आ रहे हैं। सरकार इस लेकर सतर्क है और इसके लिए काम कर रही है। पर सबसे बड़ी बात ये है कि आम लोगों में इसे लेकर जानकारी की कमी है। तो, आइए जानते हैं क्या है ये बीमारी।

मम्प्स की बीमारी क्या है, 
मम्प्स कण्ठ के हिस्से का एक संक्रमण है जो पैरामाइक्सोवायरस नामक वायुजनित वायरस के कारण होता है, जो मुख्य रूप से लार ग्रंथियों को प्रभावित करता है, जिससे सूजन और दर्द होता है। ये संक्रमित व्यक्ति के ऊपरी श्वसन पथ से सीधे संपर्क या हवाई बूंदों से फैलती है

मम्प्स के लक्षण, 
मम्प्स के लक्षण आम तौर पर दो से चार सप्ताह के भीतर दिखाई देते हैं, जो हल्के बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द और थकान के साथ शुरू होते हैं।बीमारी का प्रमुख संकेत लार ग्रंथियों का बढ़ना है। हालांकि, यह आमतौर पर छोटे बच्चों में देखा जाता है पर बड़ों में भी ये इंफेक्शन हो सकता है। इसके अलावाइस दौरान शरीर में कई सारे लक्षण देखे जा सकते हैं जैसे-
-लार ग्रंथियों की सूजन जो कि चेहरे, जबड़े और कान के पास नजर आता है।
-मध्यम से तेज बुखार। 
-हल्के से लेकर गंभीर सिरदर्द। 
-कान में दर्द। 
-मांसपेशियों में दर्द और थकान। 
-भूख की कमी। 

मम्प्स का इलाज, 
मम्प्स को कोई विशिष्ट इलाज नहीं है और अधिकांश मामले कुछ हफ्तों में ठीक हो जाते हैं। लेकिन, बचाव का सबसे आसान तरीका ये है कि एमएमआर वैक्सीन जरूर लें। खासकर कि बच्चों को ये टीका जरूर लगवाएं। इसके अलावा किशोरों और वयस्कों को रोग से लगातार प्रतिरक्षित रहने के लिए बूस्टर शॉट्स ले सकते हैं।

 

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