हूतियों ने किया बड़ा दावा, इस दावे से उड़े पश्चिमी देशों के होश।
इजराइल और हमास की जंग के बीच गाजा में इजराइली हमलों के विरोध और हमास का समर्थन करने वाले यमन के हूती विद्रोही लाल सागर में लगातार हमलावर रुख अख्तियार किए हुए हैं। वे इजराइल और उसके समर्थक अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों के कारोबारी जहाजों पर लगातार निशाना बना रहे हैं। हूती विद्रोहियों ने 7 अक्टूबर से शुरू हुई गाजा की जंग के साथ ही आक्रामक रुख अपना रखा है। इस दौरान उन्होंने कई जहाजों को निशाना बनाया है। इस पर अमेरिका और ब्रिटेन ने हूतियों के कई ठिकानों पर हमला किया। इसके बाद भी हूती विद्रोहियों के इरादे बुलंद हैं। हूतियों ने एक बडा दावा किया है, जिससे अमेरिका और ब्रिटेन भी हैरान हो जाएंगे।
रूस की सरकारी मीडिया ने कहा कि यमन के हूती विद्रोहियों ने अपने शस्त्रागार में एक नई हाइपरसोनिक मिसाइल होने का दावा किया है। इससे गाजा पट्टी में हमास और इजराइल के युद्ध के बीच लाल सागर और उसके आसपास के जलमार्ग में जहाजों पर हूती विद्रोहियों के हमलों का जोखिम बढ़ गया है। रूस की सरकारी ‘आरआईए नोवोस्ती’ समाचार एजेंसी ने एक अज्ञात अधिकारी के हवाले से यह खबर दी। हालांकि इस दावे के पक्ष में कोई सबूत उपलब्ध नहीं कराया।
अभी और जहाजों पर करेंगे हमले हूती के शीर्ष नेता अब्दुल मलिक अल-हूती ने गुरुवार को कहा कि हूती विद्रोही अफ्रीका के दक्षिणी छोर में ‘केप ऑफ गुड होप’ की ओर बढ़ रहे जहाजों पर अटैक शुरू करेंगे। अभी तक विद्रोहियों ने सुएज नहर की ओर लाल सागर में जा रहे जहाजों पर हमले किए हैं। अभी यह स्पष्ट नहीं हैं कि वे किसी भी संभावित हमले को कैसे अंजाम देंगे। इस बीच, ईरान की राजधानी तेहरान के तेजी से बढ़ते मिसाइल प्रोग्राम को लेकर ओमान में अप्रत्यक्ष बातचीत करने की जानकारी है। ईरान ने भी हाइपरसोनिक मिसाइल का पेश किया दावा हूती के सबसे बड़े संरक्षक ईरान ने एक हाइपरसोनिक मिसाइल होने का दावा किया है और उसने विद्रोहियों को व्यापक पैमाने पर उन मिसाइलों से लैस किया है, जिनका वे अब इस्तेमाल करते हैं। हूती विद्रोहियों के शस्त्रागार में हाइपरसोनिक मिसाइल होने से अमेरिका तथा इजराइल समेत उसके सहयोगियों की वायुरक्षा प्रणाली में अधिक गंभीर चुनौती पैदा हो सकती है।
















































































Leave Your Message