पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कहा की लद्दाख से लगभग 10,000 लोग इस महीने चीन की सीमा तक मार्च करेंगे।
पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कहा कि लद्दाख से लगभग 10,000 लोग इस महीने चीन की सीमा तक मार्च करेंगे ताकि यह दिखाया जा सके कि हमने अपनी कितनी जमीन पड़ोसी देश को खो दी है। वांगचुक लद्दाख के लिए संवैधानिक सुरक्षा उपायों और अन्य मांगों को लेकर पिछले 14 दिनों से लेह में शून्य से नीचे के तापमान में भूख हड़ताल पर बैठे हैं। वांगचुक ने मीडिया से बातचीत में कहा कि हमें चरवाहों से पता चलता है कि उन्हें अब उन जगहों पर जाने की अनुमति नहीं है जहां वे पहले हमेशा जाते थे। जिन इलाकों में चरवाहे कुछ साल पहले तक जाते थे, अब उससे कई किलोमीटर पहले उन्हें रोक दिया जाता है। हम वहां जाएंगे और दिखाएंगे कि जमीन गई है या नहीं। उन्होंने बताया कि हमारा मार्च चीन के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर फिंगर एरिया (पैंगोंग त्सो के उत्तरी और दक्षिणी तट), डेमचोक, चुशुल समेत अन्य इलाकों से निकलेगा। हम अपना मार्च जिन दो तारीखों पर निकालेंगे वो 27 मार्च और 7 अप्रैल है।
















































































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