आखिर क्यों काटा 'अखिलेश' ने अपने भतीजे और लालू प्रसाद यादव के दामाद 'तेज प्रताप' का टिकट।
लोकसभा चुनाव 2024 में समाजवादी पार्टी के मुख्य नेता अखिलेश यादव अब लड़ सकते है उत्तर प्रदेश की कन्नौज सीट से चुनाव। इस लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने आठ सीटों पर उम्मीदवार बदले हैं। बदायूं में तो तीन बार में प्रत्याशी तय हुआ। यहां पहले धर्मेंद्र यादव फिर शिवपाल यादव और अंत में आदित्य यादव को टिकट मिला। अखिलेश ने पहले चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया था, लेकिन बाद में उन्होंने अपना मन बदल दिया। समाजवादी पार्टी ने कन्नौज सीट पर तेज प्रताप यादव को उम्मीदवार बनाया था, लेकिन 48 घंटे के अंदर उनका टिकट कट गया और अब अखिलेश यहां से चुनाव लड़ेंगे। अखिलेश के इस फैसले को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। अखिलेश ने अपने भतीजे और लालू प्रसाद यादव के दामाद तेज प्रताप का टिकट क्यों काटा है।
समाजवादी पार्टी ने इस चुनाव में पहले भी कई सीटों पर उम्मीदवार बदले हैं और अब तो बात परिवार तक पहुंच गई। अखिलेश ने अपने भतीजे का ही टिकट काट दिया। उनके इस फैसले के कई मायने निकाले जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि कन्नौज में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं का दबाव था। तेज प्रताप उतना अच्छा चुनाव नहीं लड़ पाते। अखिलेश के आने से मुकाबला कड़ा होगा और बीजेपी के लिए यहां से दोबारा जीत हासिल करना आसान नहीं होगा। इसी वजह से 22 अप्रैल को तेज प्रताप को उम्मीदवार बनाया गया और 24 अप्रैल को अखिलेश ने खुद नामांकन करने का ऐलान कर दिया।
















































































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